{"_id":"6a7c49eddc266decd1088e3d","slug":"no-maternity-leave-for-fourth-child-high-court-dismisses-petition-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court : चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court : चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
Wed, 12 Aug 2026 03:54 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 12 Aug 2026 03:54 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी महिला सरकारी कर्मचारी की पहले से दो या अधिक जीवित संतानें हैं तो उसे चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं दिया जा सकता।
विज्ञापन
अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी महिला सरकारी कर्मचारी की पहले से दो या अधिक जीवित संतानें हैं तो उसे चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारी ने पिछली संतानों के जन्म पर मातृत्व अवकाश लिया हो या नहीं, इससे पात्रता के नियम में कोई बदलाव नहीं होता।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने दिया है। शशि कुमारी ने चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश का आवेदन किया था। 19 जून 2026 के आदेश से उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया। इसे उन्होंने हाईकोर्ट मेें चुनौती दी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि पहली तीन संतानों के जन्म पर उन्होंने मातृत्व अवकाश नहीं लिया था।
विज्ञापन
चौथी संतान के लिए वह पहली बार इस सुविधा का लाभ मांग रही हैं। राज्य सरकार ने इसका विरोध किया। कहा कि नियमों के तहत प्रसूति अवकाश 180 दिन का है, लेकिन दो या अधिक जीवित संतान होने पर यह अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन