Prayagraj :भाजपा ने नए चेहरों को बढ़ाकर बिछाई भविष्य की बिसात, नई कार्यकारिणी में प्रयागराज की हिस्सेदारी बढ़ी
लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की तो इसमें बड़ी हिस्सेदारी प्रयागराज के खाते में आई। पार्टी ने जिस तरह प्रयागराज के तीन युवा चेहरों को प्रदेश कार्यकारिणी में बड़े पदों से नवाजा है, उसमें भाजपा की भविष्य के लिए बिछाई गई सधी हुई बिसात साफ नजर आती है।
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लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की तो इसमें बड़ी हिस्सेदारी प्रयागराज के खाते में आई। पार्टी ने जिस तरह प्रयागराज के तीन युवा चेहरों को प्रदेश कार्यकारिणी में बड़े पदों से नवाजा है, उसमें भाजपा की भविष्य के लिए बिछाई गई सधी हुई बिसात साफ नजर आती है। भाजपा ने इस इलाके की दो संघर्षशील महिलाओं को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर उस कमी को पूरा कर दिया जिसका पार्टी की अंदरूनी बैठकों में अक्सर जिक्र होता रहा है।
साथ ही, एक जुझारू युवा को भाजपा युवा मोर्चा की कमान देकर बड़ा जातीय समीकरण भी साध लिया है। पिछले काफी दिनों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़े संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रयागराज जिले और इसके पास की विधानसभा सीटों के समीकरण को समझने के लिए कई तरह से फीडबैक ले रहे थे। भाजपा भी लखनऊ की गद्दी तक पहुंचने की सीढ़ी माने जाने वाले संगम क्षेत्र को लेकर हर तरह की रणनीति बना रही थी। फीडबैक में बार-बार यह बात सामने आ रही थी कि प्रयागराज और इससे
सटे जिलों में पार्टी की सियासत ऐसे नेताओं के इर्दगिर्द घूम रही है, जो पिछले विधानसभा और उसके बाद लोकसभा चुनाव में पार्टी को झटके से नहीं बचा सके थे।
प्रयागराज में भाजपा की अंदरूनी गणित को समझने वाले एक पूर्व पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक ने तो पार्टी के इस कदम को ओवरहॉलिंग की संज्ञा दी है। उनका कहना है कि पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर इस इलाके में पार्टी ने विपक्ष की उभरती महिला नेताओं की काट तलाश ली है।
समाजवादी पार्टी से भाजपा में आईं विधायक पूजा पाल जहां संघर्ष की प्रतीक और पाल बिरादरी में अच्छी पकड़ वाली नेता मानी जाती हैं, वहीं डॉ. कृतिका अग्रवाल संघ और भाजपा की पृष्ठभूमि में धीरे-धीरे आगे बढ़ीं सक्रिय कार्यकर्ता की छवि रखती हैं। महिला मोर्चा के कार्यक्रम हों अथवा संघ से जुड़े आयोजन, उनकी सक्रिय भागीदारी दिखती रही है। इनको प्रदेश की सियासत में बड़ा पद देकर पार्टी ने जमे-जमाए नेताओं के बीच नई पौध खड़ी कर दी है।
रोहित मिश्रा को भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी कैडर में संदेश देने की कोशिश की गई है कि कार्यकर्ताओं को साथ लेकर सड़क पर उतरने की क्षमता रखने वाले जुझारू युवा पार्टी की जरूरत हैं। इसके साथ ही प्रयागराज की सियासत में एक गैप को भरकर पार्टी ने जातीय गुटीय समीकरण भी साधा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में रोहित ने जो संघर्षशील छवि बनाई थी, उसका पुरस्कार पार्टी ने प्रदेश युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाकर दिया है।