UP : वित्तविहीन व दागदार कॉलेज नहीं बनाए जाएंगे परीक्षा केंद्र, केंद्रों के निर्धारण को लेकर सरकार विशेष सतर्क
परीक्षा केंद्र निर्धारण को लेकर सरकार ज्यादा सचेत दिखाई दे रही है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें पुलिस विभाग को भी शामिल किया गया है। परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए दो श्रेणियां बनाई गईं हैं। पहली श्रेणी में राजकीय संस्थान तथा विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेज शामिल किए गए हैं।
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भर्ती परीक्षाओं में अब वित्तविहीन निजी तथा दागदार शिक्षण संस्थान किसी भी परिस्थिति में केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। सिर्फ राजकीय एवं सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज एवं माध्यमिक विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेज तथा राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परीक्षा केंद्र बनाए जा सकेंगे।
परीक्षा केंद्र निर्धारण को लेकर सरकार ज्यादा सचेत दिखाई दे रही है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें पुलिस विभाग को भी शामिल किया गया है। परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए दो श्रेणियां बनाई गईं हैं। पहली श्रेणी में राजकीय संस्थान तथा विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेज शामिल किए गए हैं। वहीं दूसरी यानी श्रेणी बी में ख्याति प्राप्त एवं सभी सुविधाओं से संपन्न वित्त पोषित शिक्षण संस्थान शामिल किए गए हैं। इनके चयन को लेकर भी 10 बिंदुओं वाले मानक तय किए गए हैं। पेपर लीक को लेकर वित्त विहीन निजी संस्थान सवालों के घेरे में रहे हैं। इसलिए किसी भी परिस्थिति में निजी संस्थानों के साथ संदिग्ध कॉलेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने की बात कही गई है।
परीक्षा केंद्र निर्धारण के मानक
बस एवं रेलवे स्टैंड, कोषागार के 10 किमी की परिधि में
कक्ष निरीक्षण के लिए अध्यापकों और कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या
विगत तीन वर्षों में कराई गई परीक्षाओं का अनुभव
परीक्षा केंद्र शहर की आबादी के अंदर
परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए सड़क एवं यातायात की सुविधा
परीक्षा केंद्र की बाउंड्री तथा अन्य जरूरी सुविधाएं
सीसीटीवी लगे हों। सभी कैमरे क्रियाशील हों संस्थान एवं आयोग इसे सुनिश्चित करेंगे
केंद्र निर्धारण समिति के डीएम अध्यक्ष होंगे। इनके अलावा पुलिस आयुक्त या एसएसपी या इनकी ओर से नामित अधिकारी, एडीएम, जिला स्तरीय एनआईसी अधिकारी, उच्च शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य होंगे। इतना ही नहीं परीक्षा केंद्र निर्धारण से पहले एसटीएफ से फीडबैक भी लिया जाएगा।
महत्वपूर्ण बिंदु
- प्रश्नपत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर गोपनीय सुरक्षा चिह्न हो
- प्रश्नपत्र की सेटिंग के लिए पर्याप्त समय दिया जाए लेकिन बहुत ज्यादा न हो
- परीक्षा नियंत्रक प्रिंटिंग प्रेस नियमित निरीक्षण करेंगे
- प्रिंटिंग प्रेस के प्रत्येक स्टॉफ के आने-जाने का समय रजिस्टर में दर्ज हो, उनका आईडी हो
- प्रिंटिंग प्रेस के हर गेट पर सुरक्षा व्यवस्था हो, बाहरी का प्रवेश वर्जित हो
- हर कोना सीसीटीवी कैमरे की जद में हो जिसकी रिकार्डिंग एक साल तक सुरक्षित रहे
- अभ्यर्थियों के अंगूठे का निशान एवं बायोमेट्रिक मिलान ठीक से किया जाए