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High Court : हाईकोर्ट ने हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का दिया आदेश

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 20 Apr 2026 03:40 PM IST
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सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईटेंशन बिजली लाइन से प्रभावित किसानों को केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार भुगतान करने का निर्देश दिया है।

High Court orders compensation to farmers affected by high tension line
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईटेंशन बिजली लाइन से प्रभावित किसानों को केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने शामली जिले के चार किसानों की याचिका पर दिया है। याची भुल्लन सिंह और तीन अन्य की जमीन पर 220 केवी की हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन और टावर लगा दिए गए थे। इससे फसल, पेड़ और जमीन की कीमत पर असर पड़ा। इसके लिए किसानों को केवल आंशिक मुआवजा दिया गया था। वहीं तार के नीचे आने वाली जमीन के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया।

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याचिकाकर्ताओं ने इसके लिए कई बार शिकायत और प्रत्यावेदन दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। साथ ही पुलिस की मदद से फरवरी 2026 में सप्लाई भी चालू कर दी गई। बाद में 10 मार्च 2026 को आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि राज्य सरकार ने 14 जून 2024 की नई गाइडलाइन लागू नहीं की है।
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कोर्ट ने पाया कि केंद्र सरकार ने 14 जून 2024 की गाइडलाइन में टावर बेस क्षेत्र के लिए जमीन मूल्य का 200 फीसदी और तार के नीचे की जमीन के लिए 30 फीसदी मुआवजा देने का प्रावधान किया है।

साथ ही कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार पहले की 2015 वाली गाइडलाइन तो लागू कर चुकी है। लेकिन, 2024 की नई गाइडलाइन को लागू न करना अन्याय है। राज्य सरकार इस मामले में चयनात्मक रवैया नहीं अपना सकती है।

कोर्ट ने कहा कि भले ही जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। लेकिन हाईटेंशन लाइन गुजरने के बाद जमीन के उपयोग पर कई स्थायी प्रतिबंध लग जाते हैं। जिससे उसकी कीमत और उपयोगिता दोनों घट जाती हैं। ऐसे में प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देना अनिवार्य है।

इसके साथ ही कोर्ट ने 10 मार्च 2026 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें किसानों का दावा खारिज किया गया था। वहीं अधिकारियों को 14 जून 2024 की गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा तय कर चार सप्ताह के भीतर किसानों को भुगतान करने का आदेश दिया है।

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