सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Kavach activated on Prayagraj-Kanpur section, eight trains including Prayagraj Express equipped

NCR Railway : प्रयागराज-कानपुर सेक्शन पर कवच सक्रिय, प्रयागराज एक्सप्रेस समेत आठ ट्रेनें हुईं लैस

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 23 Mar 2026 12:37 PM IST
विज्ञापन
सार

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने रविवार को प्रयागराज–कानपुर सेक्शन (190 किमी) पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच को सफलतापूर्वक लागू किया है।

Kavach activated on Prayagraj-Kanpur section, eight trains including Prayagraj Express equipped
ट्रेनों में लैस कवच सिस्टम का ट्रायल किया गया। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने रविवार को प्रयागराज–कानपुर सेक्शन (190 किमी) पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच को सफलतापूर्वक लागू किया है। इस तकनीक के सक्रिय होने से अब मानवीय चूक के कारण होने वाले हादसों पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी। आने वाले दिनों में 160 की रफ्तार से इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन भी होगा।

Trending Videos


कवच प्रणाली का औपचारिक आगाज गाड़ी संख्या 14163 संगम एक्सप्रेस के माध्यम से किया गया। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह स्वयं लोकोमोटिव (इंजन) में सवार हुए। उन्होंने सूबेदारगंज से मनौरी स्टेशन तक फुटप्लेट निरीक्षण कर सिस्टम की बारीकियों और प्रदर्शन का बारीकी से आंकलन किया। फिलहाल अब पहले चरण में इस रूट पर चलने वाली आठ प्रमुख जोड़ी ट्रेनों को कवच से लैस किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें संगम के साथ प्रयागराज एक्सप्रेस, चौरी चौरा एक्सप्रेस, प्रयागराज-आनंद विहार हमसफर, जोधपुर-हावड़ा, प्रयागराज-बीकानेर, सूबेदारगंज-देहरादून और जम्मू मेल के नाम शामिल हैं।


कड़े इम्तिहान के बाद मिली हरी झंडी

सिस्टम को लागू करने से पहले रेलवे ने परीक्षण किया। डब्ल्यूएपी-7 लोकोमोटिव के साथ आठ से 22 कोच वाली एलएचबी ट्रेनों और 20 कोच वाली वंदे भारत रेक पर इसका ट्रायल हुआ। विशेष रूप से चौरी चौरा एक्सप्रेस के साथ 20,000 किलोमीटर से अधिक का यात्री ट्रायल पूरा किया गया। जो पूरी तरह संतोषजनक रहा।

अब गाजियाबाद-टुंडला सेक्शन को कवच से जोड़ने की तैयारी

- रेलवे के मिशन रफ्तार के तहत अब अगले चरण में गाजियाबाद-टुंडला सेक्शन को कवच से जोड़ने की तैयारी है। प्रधान मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर सतेंद्र कुमार के नेतृत्व वाली टीम अब इस मिशन को आगे बढ़ाएगी ताकि पूरे रूट पर ट्रेनों को 160 किमी/घंटा की निर्बाध गति दी जा सके।

कवच की खासियत :

ऑटोमैटिक ब्रेक : अगर लोको पायलट सिग्नल ओवरशूट (लाल सिग्नल पार) करता है तो सिस्टम खुद ब्रेक लगा देगा।
स्पीड कंट्रोल : निर्धारित गति से तेज चलने पर ट्रेन की रफ्तार अपने आप कम हो जाएगी।

कोहरे में मददगार : खराब मौसम या धुंध में भी यह सिस्टम लोको पायलट को सिग्नल की सटीक जानकारी देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed