संगम में डुबकी लगाने आई महिला श्रद्धालुओं के लिए वाटरप्रूफ साड़ी ईजाद की गई है। इस साड़ी की सबसे बड़ी खासियत है कि स्नान करने के दौरान यह साड़ी पानी में पूरी तरह से डूबने और भींगने के बावजूद पानी से बेअसर रहती है। जब कोई भी महिला श्रद्धालु इस साड़ी को पहनकर स्नान करती हैं तो इस साड़ी पर पानी का कोई असर नहीं दिखता। साथ ही यह साड़ी भींगने के बाद भी शरीर पर चिपकता नहीं है।
संगम पर बने सभी 40 स्नान घाटों पर पुण्य की डुबकी लगा रहे श्रद्धालुओं को यह साड़ी निशुल्क वितरित की गई। संगम घाटों पर भीड़ इतनी अधिक होती है कि महिलाओं को कपड़े बदलने के दौरान जल के अंदर से नहाकर निकलने और चेंजिंग रूम तक जाने में समय लगता है। उस महिला श्रद्धालुओं को शर्मसार होना पड़ता है। लेकिन इस साड़ी ने महिलाएं की इस शर्मसारी को दूर किया है। सबसे बड़ी बात है कि बगैर किसी पैसे श्रद्धालुओं को यह साड़ी दी जा रही है।
कुंभ मेले में दान ध्यान के साथ पुण्य की डुबकी लगाने का प्रावधान है जिसके बाद जप तप के माध्यम से लौकिक से पारलौकिक संबंध बनाते हुए संगम की रेती पर मौजूद साधक मोक्ष की प्राप्ति की कामना करते हुए अपने घरों की ओर प्रस्थान करते हैं। दान देने की इस कड़ी में साड़ी का दान संगम तट पर दिया जाना भी पुण्य से कम नहीं। वाटरप्रूफ साड़ी बांटने का मकसद अतिथि देवो भव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, जो एक समाजसेवा के साथ महिला सशक्तीकरण के लिए एक बेहतरीन पहल है।
इस वाटरप्रूफ साड़ी के मेले में निशुल्क मिलने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी का ठिकाना नहीं है। वाटरप्रूफ साड़ी के दान से जहां दानदाता पुण्य कमा रहे हैं तो वहीं संगम में डुबकी लगाने आने वाले महिला श्रद्धालुओं के लिए वाटरप्रूफ साड़ी एक अनमोल तोहफा साबित हो रही है।