LPG Crisis : कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों ने बिगाड़ा कचौड़ी-समोसे का जायका
कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर अब शहर के खानपान बाजार पर साफ दिखने लगा है। होटल, रेस्टोरेंट और ठेले पर नाश्ता बेचने वाले कारोबारियों ने एक बार फिर से अपने मेन्यू में बदलाव कर दिया है।
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कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर अब शहर के खानपान बाजार पर साफ दिखने लगा है। होटल, रेस्टोरेंट और ठेले पर नाश्ता बेचने वाले कारोबारियों ने एक बार फिर से अपने मेन्यू में बदलाव कर दिया है। कचौड़ी-सब्जी, समोसा, चाट और अन्य फास्ट फूड आइटम महंगे हो गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक महीने में ही उन्होंने लागत बढ़ने के चलते दामों में संशोधन किया था, लेकिन गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से स्थिति फिर चुनौतीपूर्ण हो गई है। खासकर छोटे दुकानदार और ठेला लगाने वाले विक्रेता ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनकी लागत का बड़ा हिस्सा गैस पर निर्भर रहता है। ऐसे में वे कीमत बढ़ाने को मजबूर हैं।
शहर के कई रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि लगातार बढ़ती लागत के बीच पुराने रेट पर खाना परोसना मुश्किल होता जा रहा है। रेस्टोरेंट संचालक संदीप गुप्ता ने बताया कि आटा, तेल और सब्जियों के दाम पहले से ही ऊंचे बने हुए हैं, अब गैस महंगी होने से कुल खर्च और बढ़ गया है। यही वजह है कि कई जगहों पर मेन्यू कार्ड दोबारा छपवाने की तैयारी चल रही है।
ठेला कारोबारियों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वे सीमित मार्जिन पर काम करते हैं। चाट विक्रेता रामजी केसरवानी ने बताया कि अगर दाम नहीं बढ़ाते तो मुनाफा खत्म हो जाता है और बढ़ाते हैं तो ग्राहक कम होने का डर रहता है। ऐसे में वे संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में चाट, समोसा और कचौड़ी जैसे लोकप्रिय नाश्तों के दाम बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
एक अन्य चाट विक्रेता गुलाब ने बताया कि अभी तक वह आलू की टिकिया 20 रुपये में बेच रहे थे लेकिन उसका दाम अब 25 रुपये दो-तीन दिन में कर दिया जाएगा। इसके अलावा कई दुकानदार दाम भी बढ़ा चुके हैं। बेकरी कारोबारी राशिद सगीर ने बताया कि बार-बार कीमत बढ़ने से रोजमर्रा के खाने-पीने का बजट बिगड़ रहा है। कारोबारी सतीश केसरवानी ने बताया कि बढ़ती लागत के बीच उनके पास कीमत बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। कहा कि वह समोसा आठ रुपये प्रति पीस बेच रहे थे लेकिन उसे अब दस रुपये में कर दिया गया है।
पार्षदों ने कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने पर की निंदा
सर्वदलीय पार्षद पूर्व पार्षद जन कल्याण संस्था के वरिष्ठ पार्षद शिवसेवक सिंह, आनंद घिल्डियाल, अजय यादव, भास्कर पटेल, पूर्व वरिष्ठ पार्षद अशोक कुमार सिंह, दिनेश गुप्ता व छेदी चंद्रप्रकाश ने कमर्शियल गैस सिलिंडर 993 व छोटे गैस सिलिंडर के दाम 261 रुपये बढ़ाए जाने पर निंदा की। उन्होंने कहा कि गैस के दाम बढ़ाने से मेहनतकश मजदूरों, छात्रों सहित आम नागरिकों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के व्यंजनों के दाम बढ़ सकते हैं। हालांकि इस संबंध में मिठाई की दुकान व रेस्टोरेंट के संचालकों ने कोई निर्णय नहीं लिया है। संचालक आने वाले दिनों में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत कम होने की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि अचानक कीमत बढ़ाने से ब्रिक्री पर असर पड़ेगा इसलिए अभी इस पर विचार किया जा रहा है।
जॉर्ज टाउन में रेस्टोरेंट संचालक दिलीप केसरवानी ने बताया कि अभी डोसे की कीमत 100 से 150 रुपये के बीच है। आने वाले दिनों में सिलिंडर के दाम कम नहीं हुए तो दाम में 20 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। इससे ग्राहकों की संख्या में कमी भी आ सकती है।
टैगोर टाउन में मिठाई की दुकान के संचालक कल्याण दत्ता ने बताया कि सिलिंडर के दाम बढ़ने से मुनाफा कम होगा। कर्मचारियों को सैलरी देने में भी परेशानी होगी। अगर दाम बढ़ा देंगे तो बिक्री कम हो सकती है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन कर रहीं खुशी यादव व नैंसी राज ने बताया कि वो हॉस्टल में रहती हैं। फिलहाल उनका खाने पर एक महीने का खर्च तीन से चार हजार रुपये के बीच होता है। लेकिन कमर्शियल सिलिंडर महंगा होने से मासिक खर्च बढ़ने बढ़ जाएगा।
