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Magh Mela : मकर संक्रांति पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, ड्रोन से की जा रही है निगरानी

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 15 Jan 2026 11:30 AM IST
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सार

Makar Sankranti : माघ मेले में मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। 

Magh Mela: Millions of devotees took a holy dip on Makar Sankranti, drones are monitoring the fair.
माघ मेले में मकर संक्रांति पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मकर संक्रांति पर्व पर कड़कड़ाती ठंड पर आस्था भारी रही। भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 10 बजे तक 36 लाख से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा चुके थे। मकर संक्रांति पर करीब ढाई लाख श्रद्धालुओं के त्रिवेणी में स्नान करने का अनुमान लगाया गया है। पूरे माघ मेले में सुरक्षा व्यवस्था के चाक चौबंद इंतजाम हैं। एटीएस की नजर पूरे मेले पर है। पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ड्रोन से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।

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मकर संक्रांति पर मेला प्रशासन ने दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान जताया है। इसके 24 स्नान घाटों पर इंतजाम किया गया है। इसके अलावा हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू कर आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नदी की धारा में परिवर्तन के कारण घाटों में आंशिक संशोधन भी किया गया है।

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स्नान घाटों एवं मार्गों पर किसी को भी सोने न देने, पैनिक की स्थिति उत्पन्न न होने देने और संचार के लिए अनिवार्य रूप से वायरलेस सेट के प्रयोग के लिए प्लान तैयार किया गया हैं। वहीं, मकर संक्रांति पर्व से पहले बुधवार को 75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।

श्रद्धालु सिर पर गठरी, हाथों में बैग, झोला लिए पैदल संगम की ओर बढ़ते नजर आए। मेला संतों, साधु-संन्यासियों और कल्पवासियों के विराट समागम का केंद्र बन गया है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के अनुसार नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के अनुरूप घाटों एवं मार्गों पर आवश्यक कार्रवाई करने पर विशेष जोर देने को कहा गया है।डीएम मनीष वर्मा ने बताया कि जल पुलिस को पूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। एसपी नीरज कुमार पांडेय के अनुसार, जो जिधर से आएगा उसी नजदीक के स्नान घाट पर स्नान कराने का निर्देश दिया गया है।

जाम के लिए आठ स्थान चिह्नित

संवदेनशील चौराहों के बीच जाम लगने वाले आठ स्थान चिह्नित किए गए हैं। उन्हें क्लियर रखने के लिए क्यूआरटी बनाई गई है जो टीसीआर की सूचना पर तत्काल जाम स्थल पर पहुंच सकते हैं। हर क्यूआरटी में छह-छह सिपाही और एक क्यूआरटी व्हीकल है। सीओ स्तर के अधिकारी द्वारा टीसीआर का पर्यवेक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेले में जाम लगने पर एसीपी, एसएचओ और एसआई जवाबदेह होंगे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्नान घाट से लेकर मेला परिसर में पुख्ता इंतजाम

पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न घाटों से लेकर मेला क्षेत्र में पुख्ता इंतजाम किया गया है। 12 कंपनी पीएसी, बाढ़ राहत पीएसी की सात कंपनी, एनडीआरएफ की दो टीमें, एसडीआरएफ, एंटी माइंस की एक-एक कंपनी, एटीएस की दो टीमें, बीडीडीएस की छह, एएस चेक की दस टीमें, आरएएफ की छह कंपनी, यूपी 112 की चार पहिया 20 और दो पहिया 25 वाहनों से निगरानी का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा एक एसपी, आठ एएसपी, 17 सीओ, 6169 दरोगा, सिपाही और 1,000 रिक्रूट आरक्षियों की तैनाती की गई हैं।

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