UP : मोहम्मद अहसान मुस्लिम धर्म छोड़कर बने अनिल पंडित, हाईकोर्ट से हिंदू बनने को मिली कानूनी स्वीकृति
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएमपी डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर रहे अनिल पंडित उर्फ मोहम्मद अहसान के मुस्लिम से हिंदू बनने को कानूनी मंजूरी दे दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएमपी डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर रहे अनिल पंडित उर्फ मोहम्मद अहसान के मुस्लिम से हिंदू बनने को कानूनी मंजूरी दे दी है। प्रयागराज निवासी याची ने इस्लाम धर्म को छोड़कर हिंदू बनने के लिए सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन किया था। याची के आवेदन को खारिज कर दिया गया था। याची ने सक्षम अधिकारी के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अपने एक अहम फैसले में हाईकोर्ट ने अनिल पंडित हो हिंदू बनने की कानूनी मंजूरी दे दी। मामले की सुनवाई जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की पीठ कर रही थी।
यह है पूरा मामला
यह मामला मोहम्मद अहसान के घर वापसी से जुड़ा था। मोहम्मद अहसान ने 2022 में आर्य समाज मंदिर में सनातन अपना लिया था और उनका नाम अनिल पंडित रखा गया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि स्कूल के दिनों से ही उनका झुकाव सनातन धर्म/हिंदू संस्कृति और परंपराओं की ओर था। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में कभी नमाज पढ़ने की परंपरा नहीं थी।
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में पीएचडी करते समय उनकी मुलाकात अपर्णा बाजपेयी से हुई और दोनों के बाद में प्रेम विवाह कर लिया था। अपर्णा बाजपेयी ने अदालत को बताया कि उन्होंने अपनी इच्छा से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अनिल पंडित से विवाह किया, लेकिन उनके पिता इस विवाह के खिलाफ थे। फिलहाल वह सात माह की गर्भवती हैं। वह बलिया के इंटर कॉलेज में अंग्रेजी की शिक्षिका हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि अनिल पंडित ने 12 जनवरी 2022 को जिला मजिस्ट्रेट के सामने यह घोषणा की थी कि वह अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाना चाहते हैं। इसके बाद 14 मार्च 2022 को आर्य समाज मंदिर में विधि-विधान के साथ उनका धर्म परिवर्तन कराया गया। यह प्रक्रिया पुजारी सत्य प्रकाश ने पूरी कराई और धर्म परिवर्तन के बाद उनका नया नाम ‘अनिल पंडित’ रखा गया। पुजारी ने कानून के अनुसार धर्म परिवर्तन की सूचना भी जिला मजिस्ट्रेट को दे दी थी।
अदालत को यह भी बताया गया कि एडीएम प्रयागराज ने मामले की जांच के लिए पुलिस रिपोर्ट मंगाई थी। जांंच के बाद पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता ने बिना किसी दबाव या लालच के अपनी मर्जी से घर वापसी की है। इसके बाद अपर्णा के पिता ने अनिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी। इसके बाद इस मामले में पुलिस ने 23 अक्टूबर 2023 को एक और रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया कि याचिकाकर्ता पर धर्म परिवर्तन के लिए किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया था और न ही उसे किसी अनुचित तरीके से प्रभावित कर सनातन धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया है।