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Prayagraj : बेटी की जिंदगी बचाने दौड़ी मां, मालगाड़ी की चपेट में दोनों की मौत, परिवार में मचा कोहराम

Sun, 16 Aug 2026 04:08 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मांडा (प्रयागराज)
संवाद न्यूज एजेंसी, मांडा (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 16 Aug 2026 04:08 PM IST
सार

बुखार में तप रही चार साल की बेटी को इलाज के लिए लेकर निकली मां ने जैसे ही उसे मौत की ओर बढ़ते देखा, अपनी जान की परवाह किए बिना बचाने दौड़ पड़ी। लेकिन मां की ममता की यह आखिरी दौड़ बन गई। मालगाड़ी की चपेट में आने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। छह माह के मासूम को सीने से लगाए पिता बिलखता रहा।

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Mother rushed to save daughter's life; both killed after being struck by a goods train
मां-बेटी की ट्रेन से कटकर मौत की घटना के बाद जुटी भीड़। - फोटो : संवाद।

विस्तार

बेटी बुखार में तप रही थी। मां उसे इलाज के लिए लेकर घर से निकली थी। घर से चंद कदम दूर रेल पटरी पर पहुंचते ही चार वर्षीय देवकी मां से आगे निकलकर डीएफसी रेल पथ पर चली गई। उसी समय डाउन लाइन पर तेज रफ्तार मालगाड़ी आती दिखाई दी। बेटी को बचाने के लिए कबूतरा देवी दौड़ी, लेकिन मां की ममता की वह दौड़ दोनों की जिंदगी पर भारी पड़ गई। मालगाड़ी की चपेट में आने से मां-बेटी के चीथड़े उड़ गए।

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थाना क्षेत्र के उमापुर कला गांव निवासी कबूतरा देवी (35) पत्नी रमाशंकर निषाद शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे बेटी देवकी (4) का इलाज कराने निकली थी। मिर्जापुर राजमार्ग तक जाने के लिए दोनों ने घर के पास दिल्ली-हावड़ा रेल पथ की दो लाइन पार की थीं। इसी दौरान देवकी डीएफसी रेल पथ पर पहुंच गई। मालगाड़ी को आते देख कबूतरा देवी उसे बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन दोनों उसकी चपेट में आ गईं।

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ट्रेन गुजरने के बाद ग्रामीणों ने शव घर पहुंचाए। परिवार की आजीविका के लिए प्रयागराज शहर में ई-रिक्शा चलाने गए रमाशंकर को घटना की जानकारी दी गई। करीब दो घंटे बाद घर पहुंचे रमाशंकर पत्नी और बेटी का शव देखकर टूट गए। छह माह के बेटे छोटू को सीने से लगाकर फूट-फूटकर रोते हुए बोले, “काफी अर्से से गांव के सामने अंडरपास या आरओबी बनवाने की मांग कर रहे हैं। अगर मांग पूरी हो जाती तो मेरे बेटे छोटू के सिर से मां का साया नहीं छिनता।

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