Prayagraj : माता-पिता कर रहे इंतजार, बेटा नहीं है दुनिया में, उम्मीद है ड्यूटी से लौटकर करेगा फोन
जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार 65 वर्षीय पिता अवध नारायण शुक्ला और 62 वर्षीय मां इंद्रावती की आंखें कर रही हैं, वह बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा।
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जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार 65 वर्षीय पिता अवध नारायण शुक्ला और 62 वर्षीय मां इंद्रावती की आंखें कर रही हैं, वह बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा। हर दिन की तरह माता-पिता को उम्मीद है कि संजय (40) ड्यूटी से लौटकर फोन करेगा, लेकिन उन्हें क्या पता कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।
हरियाणा के हिसार स्थित बरवाला के एनएच-52 के बाडो पट्टी टोल प्लाजा पर सोमवार देर रात हुई घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। आरोप है कि महज 130 रुपये के टोल विवाद में स्कॉर्पियो सवार दबंगों ने कोरांव थाना क्षेत्र के गांव दुघरा निवासी टोल शिफ्ट इंचार्ज संजय शुक्ला की जान ले ली। इधर, गांव में उनके बूढ़े माता-पिता को अभी तक घटना की जानकारी नहीं दी गई है। दुघरा निवासी संजय शुक्ला के साथ काम करने वाले उदय प्रताप यादव इन दिनों अपने घर आए हैं। उन्होंने बताया कि वह भी टोल पर काम करते थे।
सोमवार देर रात हादसा होने की बात उन्हें साथी टोलकर्मियों ने बताई। संजय शुक्ला वर्ष 2011 से टोल पर काम कर रहे थे। वह कुछ दिन पहले घर आए थे और आठ जून को घर से पुनः ड्यूटी पर गए थे। घर में संजय के पिता अवध नारायण, माता इंद्रावती, पत्नी सविता, पुत्र साहिल और पुत्री खुशबू रहते हैं। बड़े भाई अजय हैदराबाद में प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि भाभी अर्चना की मौत वर्ष 2020 में हो गई थी। पत्नी सविता को सिर्फ सड़क हादसे में घायल होने की जानकारी दी गई है।
संजय के घर जाने पर ग्रामीणों ने रोका
मृतक के गांव में उनके घर जाने वाले दोनों रास्तों पर ग्रामीणों का पहरा है। एक रास्ता गांव में स्थित मंदिर की तरफ से जाता है, जबकि दूसरा रास्ता तालाब के पास से होकर गुजरता है। इन दोनों ही रास्तों पर ग्रामीणों का पहरा है। बुधवार को ग्रामीणों ने सभी को संजय के घर तक जाने से रोक दिया। विनती की गई कि संजय की मौत की खबर वृद्ध माता-पिता को न दें, ताकि उनके साथ कोई अनहोनी न हो।
आज सुबह गांव पहुंचेगा संजय का शव
ग्रामीणों ने बताया कि टोल प्लाजा पर हुई घटना की जानकारी के बाद मृतक के साले मिर्जापुर निवासी बृजेश तिवारी समेत परिवार के अन्य लोग बाडो पट्टी टोल प्लाजा पहुंच चुके हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को प्रयागराज स्थित गांव लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्रामीण उदय प्रताप यादव, विपिन तिवारी, ठाकुर प्रसाद यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह शव गांव पहुंचने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने बताया कि वृद्ध माता-पिता को इसलिए जानकारी नहीं दी जा रही है कि कहीं उन्हें सदमा न लग जाए। पत्नी को सिर्फ हादसे में घायल होने की जानकारी दी गई है।