Prayagraj : प्रयागराज में खान सर का कोचिंग सेंटर सील, अग्नि सुरक्षा इंतजाम न होने पर पीडीए ने की कार्रवाई
मानक के विपरीत संचालित किए जा रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने मंगलवार को सिविल लाइंस में तीन कोचिंग संस्थानों खान ग्लोबल स्टडीज, राव आईएएस और पितृ छाया को सील कर दिया।
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मानक के विपरीत संचालित किए जा रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने मंगलवार को सिविल लाइंस में तीन कोचिंग संस्थानों खान ग्लोबल स्टडीज, राव आईएएस और पितृ छाया को सील कर दिया।
पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने बताया कि खान ग्लोबल स्टडीज में एक कमरे में एक हजार छात्रों के बैठने के लिए लकड़ी की मेज लगवाई गई है। वहां जगह बहुत ही सीमित है। अगर कोई घटना होती है तो सुरक्षित निकल पाना काफी मुश्किल होगा। जांच के दौरान वहां अग्नि सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं मिले। राव आईएएस कोचिंग संस्थान का संचालन भी मानक के विपरीत पाया गया। पितृ छाया कोचिंग संस्थान आवासीय भवन में संचालित किया जा रहा है।
तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इन कोचिंग संस्थानों को सील किया गया है। इसके अलावा शहर के सभी कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है कि अगर संचालन मानक के विपरीत हो रहा है तो तत्काल बंद कर दें। मानक पूरे करने के बाद ही कोचिंग का संचालन शुरू करें। बुधवार को भी कोचिंग संस्थानों की जांच पड़ताल की जाएगी।
बीच में बंद कराई कोचिंग, छात्रों को निकाला बाहर
खान ग्लोबल स्टडीज में कार्रवाई के लिए पीडीए की टीम पहुंची तो वहां कक्षा चल रह थी। कोचिंग को सील करने से पहले सभी छात्रों को बाहर निकाला गया। कोचिंग में नीचे उतरने के लिए एक सीढ़ी थी। छात्रों की संख्या काफी अधिक थी। ऐसे में छात्रों को बाहर निकलने में काफी वक्त लगा। जब सभी छात्र बाहर आ गए, तब पीडीए की टीम ने कोचिंग संस्थान को सील किया। दूसरे कोचिंग संस्थानों में भी कमोवेश यही स्थिति रही।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद शुरू हुई जांच में प्रयागराज के कोचिंग संस्थानों में भी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। अग्निशमन विभाग ने मंगलवार को जिलेभर में 23 संस्थानों में व्यवस्थाएं परखीं। अधिकतर में सुरक्षा मानकों की कमी मिली। 13 कोचिंग संस्थानों को नोटिस दिया गया है। सात दिन में व्यवस्थाएं ठीक न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कर्नलगंज व टैगोर टाउन में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और शिक्षण संस्थानों की जांच की। कई संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरण तो मिले, लेकिन वे काम नहीं कर रहे थे। अतिरिक्त प्रवेश और निकास मार्ग, पानी की व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम जैसे जरूरी इंतजामों की भी कमी मिली।
चेकिंग के दौरान कई कोचिंग संस्थान बंद मिले हैं। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई है। जिन संस्थानों में खामियां मिली हैं, उनके संचालकों को सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। - चंद्र मोहन शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
अग्निशमन व्यवस्था की मेयर ने की समीक्षा
लखनऊ हादसे के बाद शहर के व्यावसायिक मॉल, कोचिंग संस्थानों, ई-पुस्तकालयों, भोजनालयों, होटलों, अस्पतालों समेत अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन व आपदा सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा की गई। मंगलवार को महापौर ने नगर निगम और अग्निशमन विभाग को संयुक्त जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्र, अग्निशमन अलार्म, धुआं संसूचक और छिड़काव प्रणाली की जांच की जाएगी। आपातकालीन निकास मार्गों सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और क्रियाशीलता भी जांची जाएगी।
महापौर ने चेतावनी दी कि अनुपलब्ध, निष्क्रिय या अवधि समाप्त यंत्र मिलने पर तत्काल नोटिस जारी होगा। कमियां दूर न करने पर कठोर प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई की जाएगी।नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने अधिकारियों को निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में अधिशासी अभियंता अनिल मौर्य और सहायक नगर आयुक्त दीपशिखा मौजूद रहीं।