Prayagraj Murder Case : सील मकान में फोरेंसिक टीम दिनभर जुटाती रही साक्ष्य, बरामद हुई आरोपी शनि की शर्ट
वैश्य परिवार हत्याकांड के खुलासे के बाद भी जांच एजेंसियां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं। बृहस्पतिवार को फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम पूरे दिन घटनास्थल पर डटी रही। घर के कोने-कोने से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया।
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वैश्य परिवार हत्याकांड के खुलासे के बाद भी जांच एजेंसियां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं। बृहस्पतिवार को फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम पूरे दिन घटनास्थल पर डटी रही। घर के कोने-कोने से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। सील मकान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए। घर के विभिन्न हिस्सों में मिले खून के धब्बों को सुरक्षित किया गया। उस पानी की टंकी से भी सैंपल लिया गया, जिसमें आरोपी ने डिटर्जेंट और अन्य पदार्थ डालकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। जांच टीम ने फर्श, दीवारों और अन्य संदिग्ध स्थानों से भी नमूने संग्रहित किए। घटनास्थल से आरोपी शनि गुप्ता की एक शर्ट बरामद हुई है, जो वारदात के दौरान वहां छूट गई थी। टीम ने उसे कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। कपड़ों पर मिले जैविक और वैज्ञानिक साक्ष्य केस को और मजबूत बना सकते हैं।
विशेषज्ञों की टीम घर के अंदर विभिन्न स्थानों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मैपिंग की गई ताकि घटनाक्रम को वैज्ञानिक तरीके से समझा जा सके। टीम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए किन-किन तरीकों का इस्तेमाल किया गया था। उधर, पुलिस की एक टीम आसपास के लोगों, दुकानदारों और पड़ोसियों से पूछताछ करती रही। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मामले से जुड़ा कोई भी तथ्य या संभावित पहलू जांच से छूटने न पाए।
कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी के सिर पर मिले चोटों के 33 निशान
साउथ मलाका में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेरहमी की कहानी दर्ज है। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के चारों सदस्यों पर 33 बार हमला किया गया। सबसे अधिक 12 चोटें बेटे अभिषेक के सिर पर मिली हैं। वीरेंद्र और अनीता के सिर पर 10-10 चोटें हैं। बेटी मीनाक्षी के सिर पर सिर्फ एक चोट, लेकिन निशान बहुत गहरा है। यानी बहुत ते प्रहार किया गया है। सभी में अधिकतर चोटें सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से पर हैं। पुलिस का मानना है कि रिपोर्ट से मिले तथ्य केस को मजबूत करने में मदद करेंगे। जांच टीम रिपोर्ट के हर बिंदु का अध्ययन कर रही है। पुलिस टीम आगे की जांच में जुट गई है।
जेल में बंद बेटे की गैरमौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
हत्याकांड में जान गंवाने वाले कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटे अभिषेक और बेटी मीनाक्षी के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी रिश्तेदारों ने संभाली। परिवार का छोटा बेटा अश्विनी जेल में बंद है। दूसरे बेटे अभिषेक की हत्या हो चुकी है। बेटे की गैरमौजूदगी में दारागंज घाट पर विद्युत शवदाह गृह में माता-पिता और भाई-बहन का अंतिम संस्कार हुआ।
बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें मंगलवार देर शाम मिली। इसके बाद वे तत्काल प्रयागराज के लिए रवाना हुए। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने वालों में अनीता वैश्य के कौशाम्बी मंझनपुर निवासी भाई प्रेमचंद्र केसरवानी, महेश केसरवानी, पंकज कुमार उर्फ बबलू, संजय कुमार और वीरेंद्र के भतीजे गौरव, चचेरे भाई अशोक और जानसेनगंज निवासी राजेश और गोपीगंज निवासी प्रवीण कुमार शामिल थे।
रिश्तेदारों ने बताया कि अनीता वैश्य का मायका कौशाम्बी के मंझनपुर में है। हालांकि, पिछले कई साल से वीरेंद्र और उनके परिवार का रिश्तेदारों से बहुत अधिक मेलजोल नहीं था। बुधवार देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों शव रिश्तेदारों को सौंप दिए। रात करीब 8:30 बजे एंबुलेंस के जरिये शवों को दारागंज घाट ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
हर किसी कि आंखें हो गई थीं नम
श्मशान घाट पर मौजूद रिश्तेदारों की आंखें नम थीं। किसी ने नहीं सोचा था कि एक ही परिवार के चार सदस्यों की अर्थियां एक साथ उठेंगी। परिवार की परिस्थितियां ऐसी हो गई थीं कि अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ी। अंतिम संस्कार कराने के लिए कोई सीधा वारिस मौजूद नहीं था।