Prayagraj : नई टाउनशिप के लिए 100 करोड़ की पहली किस्त मंजूर, पांच सौ हेक्टेयर से होगी एयरोसिटी बसाने की शुरुआत
एयरपोर्ट के पास पांच सौ हेक्टेयर जमीन पर नई टाउनशिप एयरोसिटी बसाने के लिए कैबिनेट से 100 करोड़ रुपये की पहली किस्त को मंजूरी मिल गई है। एक सप्ताह में शासनादेश जारी होने की उम्मीद है।
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एयरपोर्ट के पास पांच सौ हेक्टेयर जमीन पर नई टाउनशिप एयरोसिटी बसाने के लिए कैबिनेट से 100 करोड़ रुपये की पहली किस्त को मंजूरी मिल गई है। एक सप्ताह में शासनादेश जारी होने की उम्मीद है। यह टाउनशिप अर्बन चैलेंज फंड के तहत विकसित की जानी है और इसके लिए अनुमानित खर्च की 25 फीसदी रकम सरकार की ओर से मुहैया कराई जाएगी।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने नई टाउनशिप के लिए पहले चरण में 417 करोड़ रुपये खर्च कर अनुमान लगाया है और 100 करोड़ रुपये सरकार से मांगे हैं। प्राधिकरण की योजना है कि पहले पांच सौ हेक्टेयर से टाउनशिप की शुरुआत की जाएगी और इस टाउनशिप को कम से कम एक हजार हेक्टेयर तक विस्तारित किया जाएगा।
एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित इस टाउनशिप के लिए जिन गांवों का अधिग्रहण होना है, वहां पुल या चौड़ी सड़कें नहीं हैं। मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। ऐसे में जमीन अधिग्रहण के प्रभाव क्षेत्र में आने वाले किसान भी चाहते हैं कि टाउनशिप के लिए काम जल्द से जल्द शुरू हो। पीडीए के सूत्रों का कहना है कि तकरीबन 100 हेक्टेयर जमीन देने के लिए किसानों ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है। अन्य गांवों के किसान भी पीडीए से संपर्क में हैं। ग्रामीणों को बताया गया है कि टाउनशिप विकसित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
न्यायखंड और टेक्नोलॉजी पार्क होगा विकसित
नई टाउनशिप में न्यायखंड व टेक्नोलॉजी पार्क भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा साहित्यिक खंड भी होगा। साथ ही अस्पताल, शिक्षण संस्थान, बैंक, डाकघर, बाजार, खेल के मैदान, होटल, रेस्टोरेंट, बहुमंजिला ग्रुप हाउसिंग आदि का निर्माण कराया जाएगा। अलग से आवासीय एवं व्यावसायिक प्लॉट भी मिलेंगे। खास बात यह है कि मेट्रो रेल के रूट में एयरपोर्ट को भी शामिल किया गया है। इससे टाउनशिप में रहने वालों को अवागमन के लिए बेहतर साधन उपलब्ध हो सकेंगे।
नई टाउनशिप के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। अब 100 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी होने का रास्ता साफ हो गया है। उम्मीद है कि एक से दो हफ्ते में शासनादेश जारी हो जाएगा। पहली किस्त मिलने के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - ऋषि राज, उपाध्यक्ष, पीडीए
ग्रुप हाउसिंग के लिए अब तक 67 बिल्डरों ने की दावेदारी
पीडीए अपनी विभिन्न आवासीय योजनाओं में खाली पड़ी जमीनों पर निजी बिल्डरों के माध्यम से बहुमंजिला ग्रुप हाउसिंग का निर्माण कराने जा रहे हैं। पीडीए ई-नीलामी के माध्यम से 10 अलग-अलग भूखंडों पर ग्रुप हाउसिंग बनवाएगा। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है और अब तक उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम (हरियाणा), मध्य प्रदेश, बिहार से 67 निजी बिल्डरों ने ग्रुप हाउसिंग बनाने के लिए दावेदारी की है। ई-नीलामी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 जून है।