Prayagraj Weather : प्रयागराज में रात सर्द, दिन में खिली धूप से चार डिग्री चढ़ा पारा, और गिर सकता है तापमान
प्रयागराज में शनिवार को मौसम ने दोहरा मिजाज दिखाया। दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान चार डिग्री बढ़कर 23.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। वहीं रात में पछुआ हवाओं के चलते गलन वाली ठंड बढ़ गई। सुबह हल्का कोहरा रहा, जो धूप निकलते ही जल्दी छंट गया।मौसम विभाग के अनुसारसोमवार से मौसम फिर करवट ले सकता है। इविवि के मौसम विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र राय के मुताबिक 12 जनवरी से दिन के तापमान में गिरावट के आसार हैं।
विस्तार
संगम नगरी प्रयागराज में मौसम ने शनिवार को दोहरा रंग दिखाया। एक ओर दिन में तेज धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिली और अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री तक बढ़ गया, वहीं दूसरी ओर रात होते ही सर्द हवाओं के चलते गलन भरी ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। पछुआ हवाओं के तेज बहाव से वातावरण में ठंडक बनी रही। सुबह के समय कोहरा जरूर छाया रहा, लेकिन सूरज निकलते ही वह जल्दी छंट गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से फिलहाल दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। सोमवार से मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है और दिन के तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। शनिवार को प्रयागराज में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में धूप खिलने से आमजन को राहत जरूर मिली, लेकिन बर्फीली हवाएं लगातार चुभती रहीं।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, बदला मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण वातावरण में आंशिक बदलाव देखा जा रहा है। इसी कारण शनिवार को आसमान साफ रहा और धूप ने तापमान को ऊपर की ओर धकेला। हालांकि हवाओं का रुख पश्चिमोत्तर बना रहने से ठंड का असर पूरी तरह खत्म नहीं हो सका।
इविवि (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) के मौसम विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र राय के अनुसार, 12 जनवरी से दिन के तापमान में फिर कमी आने की संभावना है। हालांकि रात का तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है। सुबह कोहरा रहेगा, लेकिन वह ज्यादा देर तक टिकने वाला नहीं है।
सुबह कोहरा, दोपहर में चमकी धूप
शनिवार की सुबह शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। सड़कों पर दृश्यता कुछ समय के लिए कम रही, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। हालांकि करीब 9–10 बजे के बाद कोहरा तेजी से छंट गया और आसमान साफ हो गया। इसके बाद तेज धूप निकल आई, जिससे लोगों ने ठंड से कुछ राहत महसूस की।सिविल लाइंस, कटरा, अल्लापुर, दारागंज, नैनी, झूंसी, फाफामऊ, सैदाबाद और ग्रामीण अंचलों में सुबह हल्का कोहरा रहा, लेकिन दोपहर तक मौसम पूरी तरह साफ हो गया।
धूप से मिली राहत, लेकिन हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
दिन में धूप खिलने से बाजारों और सड़कों पर रौनक दिखाई दी। लोग धूप सेंकते नजर आए। पार्कों और खुले मैदानों में बुजुर्ग और बच्चे धूप का आनंद लेते दिखे। दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों ने भी राहत महसूस की। हालांकि पछुआ हवाओं के चलते ठंड पूरी तरह से कम नहीं हुई। हवा में नमी और ठंडक बनी रही, जिससे शाम ढलते ही गलन बढ़ गई। सूर्यास्त के बाद तापमान तेजी से गिरने लगा और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
रात में बढ़ी गलन, अलाव का सहारा
रात के समय सर्द हवाओं के तेज झोंकों के कारण गलन बढ़ गई। कई इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचते नजर आए। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, अस्पतालों के बाहर और खुले इलाकों में जरूरतमंद लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। विशेष रूप से मजदूर वर्ग, रिक्शा चालक, फुटपाथ पर रहने वाले लोग ठंड से ज्यादा प्रभावित रहे। सामाजिक संगठनों द्वारा कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था भी की गई।
ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर
ग्रामीण अंचलों में ठंड का असर शहर की तुलना में अधिक महसूस किया गया। सुबह खेतों में कोहरा छाया रहा। किसान सुबह जल्दी खेतों में जाने से बचते नजर आए। हालांकि धूप निकलने के बाद कृषि कार्यों में तेजी आई। किसानों का कहना है कि ठंड और कोहरे का असर गेहूं, चना और सरसों की फसलों पर पड़ सकता है। ज्यादा ठंड पड़ने पर पाले का खतरा भी बना रहता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की नियमित निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर सिंचाई करें, ताकि पाले से नुकसान न हो।
स्वास्थ्य पर असर, सतर्कता जरूरी
मौसम में उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते तापमान में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। ऐसे में गर्म कपड़े पहनना, गुनगुना पानी पीना, धूप में कुछ समय बिताना और संतुलित आहार लेना जरूरी है।
सोमवार से तापमान में गिरावट के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद उत्तर भारत में ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है। इससे दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। हालांकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन सुबह और शाम ठंड बनी रहेगी। कोहरे की स्थिति भी बनी रह सकती है, हालांकि वह जल्दी छंट सकता है। ठंड और धूप के इस मिश्रित मौसम का असर लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई दिया। सुबह लोग देर से घरों से निकले। स्कूल जाने वाले बच्चों को गर्म कपड़ों में देखा गया। कार्यालयों में भी लोग हीटर और गर्म पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए। शाम के समय बाजारों में भीड़ कुछ कम रही, क्योंकि ठंडी हवाओं के कारण लोग जल्दी घर लौटना पसंद कर रहे थे।
गर्म कपड़े पहनें और सिर-कान ढककर रखें।
सुबह के समय कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से विशेष सुरक्षा दें।
पर्याप्त पानी और पौष्टिक आहार लें।
विधानसभा चुनाव से पहले सीएम योगी ने संगम स्नान कर दिया सियासी संदेश
- 2019 के लोकसभा चुनाव की जीत से जोड़कर देखे जा रहे शुभ संकेत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को माघ मेले के पावन अवसर पर अपनी कैबिनेट के सहयोगियों के साथ संगम में आस्था की डुबकी लगाई। बतौर सीएम दूसरे कार्यकाल में यह पहला मौका है जब योगी ने माघ मेला के दौरान संगम स्नान किया।
सीएम योगी द्वारा माघ मेले में किए गए संगम स्नान को वर्ष 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इसे भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को धार देने वाला बताया जा रहा है।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सीएम योगी ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ कुंभ के अवसर पर संगम में डुबकी लगाई थी। उस स्नान के बाद हुए चुनाव में केंद्र में लगातार दूसरी बार मोदी सरकार काबिज हुई थी, जिसे राजनीतिक विश्लेषक एक शुभ संकेत मान रहे थे।
कल के स्नान के दौरान सीएम योगी के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी और विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाई। संगम स्नान के बाद सीएम योगी सतुआ बाबा के आश्रम पहुंचे तो आश्रम में कई संतों ने मुख्यमंत्री को विशेष संबोधनों से नवाजा। कुछ संतों ने ‘युवा हिंदू सम्राट’ तो कुछ ने ‘हिंदू हृदय सम्राट’ कहकर सीएम को संबोधित किया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक बाजपेयी ने कहा कि संतों के इन संबोधनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यूपी विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी के बाद भाजपा अपने सबसे बड़े चेहरे योगी आदित्यनाथ को न सिर्फ एक प्रशासनिक मुखिया के रूप पेश करेगी बल्कि हिंदुत्व के एक बड़े प्रतीक और संरक्षक के रूप में मजबूती से पेश कर सकती है।
एमएनएनआईटी का वैश्विक पुरा छात्र सम्मेलन 21-22 नवंबर को
फोटो है
प्रयागराज। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का वैश्विक पुरा छात्र सम्मेलन 21 और 22 नवंबर को होगा। यह निर्णय एमएनएनआईटी एलुमनाई एसोसिएशन की सत्र 2025-26 की पहली कार्यकारी समिति बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. अवनीश कुमार दुबे ने की। सम्मेलन के दौरान 1966, 1976 और 2001 बैच के पूर्व छात्र क्रमशः अपनी डायमंड, गोल्डन और सिल्वर जुबली मनाएंगे।
1976 बैच अपने दोस्ती के 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाएगा। देश-विदेश के विभिन्न शहरों में भी एलुमनाई मीट होगा। वर्ष 2026 के लिए डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवॉर्ड्स के लिए 30 जून तक नामांकन आमंत्रित किए गए हैं।
इस वर्ष अवॉर्ड्स केवल पांच श्रेणियों में दिए जाएंगे। चयन प्रक्रिया में अल्मा मेटर और एलुमनाई एसोसिएशन के प्रति योगदान को प्राथमिकता दी जाएगी। अवॉर्ड वितरण 22 नवंबर को किया जाएगा।
इसके अलावा, छात्रों को मेरिट एवं मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया। एग्जीक्यूटिव कमेटी ने फैसला किया है कि मेले में मकर संक्रांति से संगम तट पर एलुमनाई कैंप लगेगा। संवाद
एमएनएनआईटी एलुमनाई एसोसिएशन की बैठक में मौजूद पदाधिकारी। स्रोत : आयोजक
माघ मेला मार्ग समेत कई चौराहों पर जाम से जूझे लोग
फोटो सहित
- अलोपीबाग, सोहबतियाबाग, बैरहना, बांगड़ चौराहा समेत अन्य जगहों पर रेंगते रहे वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। माघ मेला मार्ग समेत शहर के विभिन्न चौराहों पर शनिवार को जाम से लोग परेशान रहे। एकलव्य चौराहा, पानी टंकी चौराहा, अलोपीबाग, सोहबतियाबाग, बैरहना, बांगड़ चौराहा समेत अन्य जगहों पर वाहन रेंगते रहे। महज 10 मिनट के सफर को तय करने में लोगों को आधे घंटे का वक्त लगा।
शनिवार सुबह धोबीघाट चौराहा, एजी ऑफिस, एकलव्य चौराहा समेत अन्य जगहों पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। करीब 15 से 20 मिनट के इंतजार के बाद जाम खुलवाया गया। हिंदू हॉस्टल चौराहा व कंपनी बाग गेट नंबर एक के पास भी लोग जाम में फंसे रहे।
वहीं, मेला क्षेत्र में सुबह से चार पहिया वाहनों को प्रवेश नहीं देने पर अलोपीबाग, सोहबतियाबाग, बैरहना में चौतरफा वाहन रेंगते रहे। मौके पर मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह से जाम को खुलवाने का प्रयास किया।
अलोपी बाग से गुजर रहे कार सवार नितिन चौबे ने बताया कि वह मऊआइमा से आए हैं यहां पर जाम लगने से पिछले 15 मिनट से फंसे हैं। जाम का सिलसिला शाम पांच बजे तक चलता रहा। इस दौरान कार, और दो पहिया वाहनों की कतार लगी रही।
चित्रकूट के ध्यानार्थ:::टीवी एक्ट्रेस का बैग छीनने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार
- मध्य प्रदेश की रहने वाली टीवी एक्ट्रेस पायल अपनी मां के साथ जा रही थी वाराणसी
- जीआरपी ने छिवकी रेलवे स्टेशन से आरोपियों को पकड़ा, भेजा जेल
प्रयागराज। राजकीय पुलिस बल (जीआरपी) ने टीवी एक्ट्रेस का बैग छीनने के मामले में पांच आरोपियों को छिवकी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। चित्रकूट के थाना बरगढ़ गांव गंजरिया निवासी आरोपी रामसिया पटेल, चित्रकूट के मानिकपुर निवासी विक्रम नामदेव, रीवा के पनवार निवासी पुष्पराज कुशवाहा व कौंधियारा के मझियारी निवासी राजू कुशवाहा और राम सिंह यादव के कब्जे से पुलिस ने चोरी के सात मोबाइल बरामद किए हैं।
जीआरपी थाना प्रभारी अकलेश कुमार सिंह ने बताया कि मूलरूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली टीवी एक्ट्रेस पायल अपनी मां के साथ ट्रेन से वाराणसी जा रही थीं। छिवकी स्टेशन के पास आरोपियों ने उनका बैग छीन लिया।
घटना के बाद छिवकी जीआरपी चौकी प्रभारी राम करन सिंह की टीम ने आरोपियों को प्लेटफाॅर्म संख्या एक से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान सभी के पास से सात मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ट्रेनों में सफर के दौरान वह यात्रियों से मोबाइल छीन कर भाग जाते हैं।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी रामसिया और राजू कुशवाहा पर पूर्व में भी मोबाइल छिनैती के कई एफआईआर बांदा, झांसी और प्रयागराज जीआरपी में दर्ज हैं। पकड़े गए आरोपियों को पुलिस न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
देवर से शादी के लिए राजी नहीं हुई तो पति ने दिया तलाक, घर से भगाया
- मंसूराबाद निवासी युवक से तीन साल पहले हुई थी शादी, पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रयागराज। मंसूराबाद क्षेत्र की एक विवाहिता ने देवर से शादी करने से इन्कार किया तो उसके पति ने तलाक बोलकर घर से भगा दिया। शुक्रवार को पीड़िता ने पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर इंसाफ की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एयरपोर्ट थाना क्षेत्र निवासी एक युवती ने बताया कि तीन साल पहले उसकी शादी मंसूराबाद निवासी एक युवक के साथ हुई थी। पति सऊदी अरब स्थित एक कंपनी में सर्वेयर है। शादी के एक महीना बाद वह सऊदी चला गया तो उसे मायके भेज दिया गया। आरोप है कि मायके में कुछ दिन रहने के बाद ससुराली उसे घर ले गए। इसके बाद सास, ननद और देवर ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और पति के सऊदी रहने तक देवर द्वारा देखभाल की बात कही।
सऊदी से घर आने पर पति ने विवाद शुरू कर घर से भगा दिया। शिकायत पर एयरपोर्ट थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों का दो जनवरी को पंचायत कराई। इसके बाद पीड़िता को पति अपने घर ले गया। सात जनवरी को विवाहिता को उसके पति ने अपने छोटे भाई के साथ शादी कर लेने का दबाव बनाया। इसका विरोध करने पर पति ने तीन बार तलाक बोलकर मारपीट कर घर से निकाल दिया। शुक्रवार को मायके वालों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की है।
:::गाजीपुर के ध्यानार्थ...चुनावी रंजिश में प्रधान पर हमले में दोषमुक्ति के खिलाफ सरकार की अपील खारिज
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर के ब्लॉक प्रमुख चुनाव की रंजिश में प्रधान विक्रम सिंह पर जानलेवा हमले के आरोपियों की दोषमुक्ति के खिलाफ दाखिल राज्य सरकार की 40 साल पुरानी अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने दोषमुक्त करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले पर अपनी मुहर लगाते हुए कहा कि अभियोजन आरोपियों की विशिष्ट भूमिका साबित करने में असफल रहा। लिहाज, ट्रायल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
यह फैसला न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह (प्रथम) की खंडपीठ ने सुनाया है। मामला गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र के बसुचक और नैसरे गांव से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार अगस्त 1982 में ब्लॉक प्रमुख चुनाव की रंजिश में ग्राम प्रधान विक्रम सिंह पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप था कि सुभाष और श्याम अवध ने विक्रम सिंह पर गोली चलाई, जबकि रंजीत, बलिराम व अन्य आरोपियों ने नैसरे गांव में दूसरे घायल राम शंकर सिंह के साथ मारपीट की।
मुख्य आरोपी सुभाष और श्याम अवध को निचली अदालत ने पहले ही धारा-324 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया था, जिसे बाद में जुर्माने में परिवर्तित कर दिया गया था। वहीं, बाकी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।
कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। कहा कि रंजीत और बलिराम जैसे आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस और विशिष्ट भूमिका साबित नहीं हो सकी। अभियोजन यह साबित करने में असफल रहा कि आरोपियों ने किसी समान उद्देश्य के साथ वारदात को अंजाम दिया था।
अदालत ने घायल गवाह विक्रम सिंह की दूसरे घटनास्थल यानी नैसरे गांव में मौजूदगी को भी संदेहास्पद बताया। कहा कि गोली लगने, अधिक उम्र और बीमारी की स्थिति में नदी पार कर दूसरे गांव तक हमलावरों का पीछा करना सामान्य मानवीय आचरण के विपरीत प्रतीत होता है।
लिहाजा, कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि अपील के दौरान 10 में से छह आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, जिसके चलते उनके खिलाफ अपील पहले ही समाप्त हो चुकी थी। शेष आरोपियों के खिलाफ भी सरकारी अपील में कोई दम न पाते हुए हाईकोर्ट ने इसे गुणदोष के आधार पर खारिज कर दिया। संवाद
प्रयागराज
अमर उजाला संवाद- खिलाड़ी बोले देश का ऊंचा करने के लिए कर रहे कड़ी मेहनत
अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में रविवार को शहर के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी के साथ ही एथलेटिक्स के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों का कहना है कि बिना किसी हताशा और निराशा के लिए सिर्फ अपने लक्ष्य पर नजर रखनी चाहिए। हम दिन रात मैदान पर अभ्यास करते हैं और देश का नाम रोशन करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। क्योंकि पैसा मायने नहीं रखता है देश का सिर ऊंचा रहे इसके लिए हम लोग दिन रात की परवाह नहीं करते हुए कड़ी से कड़ी मेहनत करने लिए तत्पर रहते हैं।