सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   PRSU: One word filled the entire copy, now pressure to pass, many wrote abusive words on the copies

PRSU : एक शब्द से भर दी पूरी कॉपी, अब पास करने का दबाव, कई ने कॉपियों पर लिखे अपशब्द

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 15 Mar 2026 04:46 PM IST
विज्ञापन
सार

प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षा में किसी छात्र ने एक ही शब्द बार-बार लिखकर पूरी कॉपी भर दी तो किसी ने उत्तर पुस्तिका में पूरा प्रश्नपत्र ही उतार दिया।

PRSU: One word filled the entire copy, now pressure to pass, many wrote abusive words on the copies
प्रो. रज्जू भैया विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षा में किसी छात्र ने एक ही शब्द बार-बार लिखकर पूरी कॉपी भर दी तो किसी ने उत्तर पुस्तिका में पूरा प्रश्नपत्र ही उतार दिया। यहां तक कि उत्तर पुस्तिका में अपशब्द तक लिख दिए गए। इस तरह के 10 से 15 फीसदी मामले सामने आए हैं। परिणाम आने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने से अब आंदोलन किया जा रहा है।

Trending Videos


छात्रों ने जब आंदोलन के जरिए पास किए जाने का दबाव बनाया तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिव्यू कमेटी गठित कर कॉपियों की जांच शुरू करा दी। जिन परीक्षार्थियों ने अपशब्द लिखे हैं, उन्हें, उनके अभिभावकों और संबंधित कॉलेज के प्रबंधतंत्र से जुड़े लोगों को कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने अपने कार्यालय बुलाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक कॉपी में पास करने के लिए परीक्षक को 200 रुपये का ऑफर तक दे दिया गया। वहीं, एक कॉपी में परीक्षार्थी ने अपना मोबाइल नंबर लिखते हुए परीक्षक से कहा है कि संबंधित नंबर पर उससे संपर्क कर लें, वह यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर देगा। एक छात्र ने लिखा है कि लिखते वक्त उसके हाथ में दर्द हो रहा है, इसलिए वह ज्यादा नहीं लिख सकता, कृपया उसे पास कर दें।

एक छात्र ने फिल्मी गाने की तर्ज पर लिखा है, ‘मैं तो रस्ते में जा रहा था, भेलपुरी खा रहा था, कुछ भी याद नहीं आ रहा था, कृपया पास कर दें।’ वहीं, परीक्षार्थी ने एक ही चौपाई बार-बार लिखकर पूरी कॉपी भर दी। इस तरह की सैकड़ों कॉपियां जब कुलपति के सामने प्रस्तुत की गईं तो उन्होंने देखा ऐसी कॉपियों में भी परीक्षकों ने थोड़े-बहुत अंक दे दिए हैं।

कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि रिव्यू कमेटी अपना काम कर रही है। पांच लाख परीक्षार्थियों की 22 लाख उत्तर पुस्तिकाएं हैं इसलिए रिव्यू में थोड़ा वक्त लगेगा। जिन परीक्षार्थियों ने कॉपियों में अपशब्द लिखे हैं, उन्हें, उनके अभिभावकों और संबंधित कॉलेज के प्रबंधन से जुड़े लोगों को बुलाकर बातचीत की जाएगी। परीक्षार्थियों का भविष्य खराब न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

आंदोलन करने वालों ने मूल्यांकन को नहीं दी चुनौती

कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि मूल्यांकन से असंतुष्ट छात्र निर्धारित फीस जमा कर मूल्यांकन को चुनौती दे सकते हैं। ऐसी परिस्थिति में विषय विशेषज्ञों से दोबारा मूल्यांकन कराए जाने का प्रावधान है। अब तक 1200 छात्रों ने मूल्यांकन को चुनौती दी है लेकिन परिसर में आकर आंदोलन करने वाले मूल्यांकन को चुनौती देने के बजाय दबाव बना रहे हैं कि उन्हें पास कर दिया जाए जोकि संभव नहीं है। कुलपति का दावा है कि आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों में से 90 फीसदी बाहरी हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुए आंदोलन के दौरान जब अपने कार्यालय में केवल विश्वविद्यालय के छात्रों से ही वार्ता करने की शर्त रखी तो कोई नहीं आया।

रज्जू भय्या विवि को जुलाई तक मिल सकते हैं 62 नए स्थायी शिक्षक

प्रो. रज्जू भय्या विश्वविद्यालय में नए शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार विभिन्न विभागों में 62 स्थायी शिक्षकों की भर्ती की तैयारी की जा रही है।विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। नए शिक्षकों के आने से विश्वविद्यालय में पढ़ाई, शोध और शैक्षणिक गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed