Prayagraj : ध्वस्तीकरण के लिए कोल्ड स्टोर के खाली होने का इंतजार, डंप हैं आलू की एक लाख से अधिक बोरियां
चंदापुर स्थित आदर्श कोल्ड स्टोर में हुए हादसे के बाद प्रशासन ने मलबा हटाने का काम फिलहाल रोक दिया है। हादसे के चौथे दिन बृहस्पतिवार को कोल्ड स्टोर के कमरा नंबर-तीन से आलू की बोरियों को दूसरे कोल्ड स्टोर में भेजने का कार्य तेज कर दिया गया।
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चंदापुर स्थित आदर्श कोल्ड स्टोर में हुए हादसे के बाद प्रशासन ने मलबा हटाने का काम फिलहाल रोक दिया है। हादसे के चौथे दिन बृहस्पतिवार को कोल्ड स्टोर के कमरा नंबर-तीन से आलू की बोरियों को दूसरे कोल्ड स्टोर में भेजने का कार्य तेज कर दिया गया। प्रशासन के इस कदम से प्रभावित किसानों ने राहत की सांस ली है।
सोमवार को हुए हादसे में कोल्ड स्टोर का कमरा नंबर-एक और बरामदा धराशायी हो गया था, जिसमें करीब दो दर्जन मजदूर और कर्मचारी दब गए थे। राहत टीम ने लगातार अभियान चलाकर सभी को बाहर निकाला, लेकिन इस दुर्घटना में तीन मजदूरों और एक कर्मचारी की जान चली गई। कई घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
बुधवार शाम तक मलबा हटाने का कार्य जारी रहा। मलबे को बेला कछार में डंप किया गया। हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह के बाद यह काम रोक दिया गया है, क्योंकि यह मलबा कमरा नंबर-दो की दीवार को सहारा दे रहा है। यदि इसे हटाया गया तो इस कमरे के गिरने का भी खतरा है।
इसी जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने बृहस्पतिवार को कमरा नंबर-दो और तीन में रखीं करीब सवा लाख आलू की बोरियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को बरामदे से आलू की बोरियां हटाई गई थीं।
कोल्ड स्टोर के खाली होने में लग सकते हैं तीन दिन
अधिकारियों ने बताया कि कोल्ड स्टोर में अभी आलू की एक लाख से अधिक बोरियां हैं। जर्जर कोल्ड स्टोर को खाली करने में तीन दिन का समय लग सकता है। यदि बोरियों को जल्द शिफ्ट न किया गया तो बढ़ते तापमान में आलू के खराब होने की आशंका है। उधर, प्रशासन ने दोनों कमरों को नियंत्रित तरीके से ध्वस्त करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। करीब 45 फीट ऊंची इमारत को गिराने के लिए विशेष तकनीक और विशेषज्ञ टीम की जरूरत होगी। मौके पर मौजूद एसीपी थरवई अरुण पाराशर ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षित तरीके से आलू की निकासी है। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोर के खाली होने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।