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Ambedkar Nagar News: अजईपुर में हटाया गया अवैध कब्जा, बनेगा चिल्ड्रेन पार्क
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:46 AM IST
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जलालपुर के ग्राम अरईपुर में जेसीबी से ध्वस्त किया जा रहा अतिक्रमण।
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जलालपुर (अंबेडकरनगर)। जलालपुर तहसील प्रशासन ने ग्राम अरई के पुरवा अजईपुर में ग्राम समाज की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को रविवार को जेसीबी लगाकर हटवा दिया। कार्रवाई के बाद जमीन पर चिल्ड्रेन पार्क बनाए जाने का बोर्ड भी लगा दिया गया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई।
बताया जाता है कि 20 मार्च 2025 को इसी स्थान पर कब्जा हटाने के दौरान राममिलन की पौत्री अनन्या का जलते छप्पर के नीचे से बैग लेकर भागने का वीडियो वायरल हुआ था, जिससे मामला सुर्खियों में आ गया था। अरई स्थित भूमि के संबंध में न्यायालय तहसीलदार ने ग्राम पंचायत बनाम राममिलन के मामले में 10 अक्तूबर 2024 को बेदखली का आदेश दिया था।
इस जमीन पर राममिलन व उनके परिवार के सदस्य छप्पर डालकर मवेशी बांधते थे। कब्जे को स्थायी करने के लिए एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया गया था, जिसे पोषणीय न मानते हुए निरस्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद रविवार को प्रशासन ने गांव को छावनी में तब्दील कर कार्रवाई की। सुरक्षा के मद्देनजर परिवार के सदस्यों को पहले ही थाने बुला लिया गया था, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।
तहसीलदार निखिलेश कुमार, महिला थानाध्यक्ष ज्योति वर्मा व एसओजी टीम के साथ कई थानों की पुलिस और पीएसी बल मौके पर मौजूद रहा। नाप-जोख के बाद जेसीबी से छप्पर व अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। कार्रवाई के बाद भी पुलिस गांव में नजर बनाए हुए है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरा था
20 मार्च 2025 को कब्जा हटाने पहुंची टीम के दौरान राममिलन के बेटे ने छप्पर में आग लगा दी थी। इसी बीच मासूम अनन्या बैग लेकर बाहर भागती दिखी थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश भर में मामला चर्चा में आ गया था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस प्रकरण में सरकार को घेरा था। उन्होंने अनन्या व उसके परिजनों को लखनऊ बुलाकर मुलाकात की थी और मदद का आश्वासन दिया था।
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बताया जाता है कि 20 मार्च 2025 को इसी स्थान पर कब्जा हटाने के दौरान राममिलन की पौत्री अनन्या का जलते छप्पर के नीचे से बैग लेकर भागने का वीडियो वायरल हुआ था, जिससे मामला सुर्खियों में आ गया था। अरई स्थित भूमि के संबंध में न्यायालय तहसीलदार ने ग्राम पंचायत बनाम राममिलन के मामले में 10 अक्तूबर 2024 को बेदखली का आदेश दिया था।
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इस जमीन पर राममिलन व उनके परिवार के सदस्य छप्पर डालकर मवेशी बांधते थे। कब्जे को स्थायी करने के लिए एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया गया था, जिसे पोषणीय न मानते हुए निरस्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद रविवार को प्रशासन ने गांव को छावनी में तब्दील कर कार्रवाई की। सुरक्षा के मद्देनजर परिवार के सदस्यों को पहले ही थाने बुला लिया गया था, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।
तहसीलदार निखिलेश कुमार, महिला थानाध्यक्ष ज्योति वर्मा व एसओजी टीम के साथ कई थानों की पुलिस और पीएसी बल मौके पर मौजूद रहा। नाप-जोख के बाद जेसीबी से छप्पर व अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। कार्रवाई के बाद भी पुलिस गांव में नजर बनाए हुए है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरा था
20 मार्च 2025 को कब्जा हटाने पहुंची टीम के दौरान राममिलन के बेटे ने छप्पर में आग लगा दी थी। इसी बीच मासूम अनन्या बैग लेकर बाहर भागती दिखी थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश भर में मामला चर्चा में आ गया था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस प्रकरण में सरकार को घेरा था। उन्होंने अनन्या व उसके परिजनों को लखनऊ बुलाकर मुलाकात की थी और मदद का आश्वासन दिया था।