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Ambedkar Nagar News: मनोज कुमार हत्याकांड में पांच साल बाद आरोपी सौरभ बरी
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अंबेडकरनगर। सम्मनपुर इलाके में पांच साल पहले हुए मनोज कुमार हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राम विलास सिंह की अदालत ने आरोपी सौरभ पाठक को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा। सहआरोपी रामसुरेश उर्फ मुछू की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो जाने से उसके खिलाफ कार्यवाही पहले ही समाप्त की जा चुकी थी।
सम्मनपुर क्षेत्र के कटघरमूसा निवासी रामभारत ने 15 मई 2021 को एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनका बेटा मनोज कुमार 14 मई 2021 की रात गांधी नगर स्कूल के पास बेहोशी की हालत में मिला था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बाद में पुलिस जांच में सौरभ पाठक और रामसुरेश उर्फ मुछू का नाम सामने आया था। अभियोजन का दावा था कि दोनों ने प्रेम प्रसंग और रंजिश के चलते मनोज को कोल्डड्रिंक में चूहा मारने की दवा मिलाकर पिला दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दोनों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। सुनवाई के दौरान कई अहम गवाह अपने बयानों से मुकर गए। मृतक के पिता और वादी रामभारत ने अदालत में कहा कि उन्हें घटना की सही जानकारी नहीं है और गांव वालों के कहने पर रिपोर्ट लिखाई गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा नशे का आदी था और घटना वाले दिन पत्नी से झगड़े के बाद तनाव में था। मृतक के भाई प्रदीप कुमार ने भी अदालत में मामले के बारे में जानकारी होने से इन्कार कर दिया। वहीं नीरज, प्रियंका और अन्य गवाहों ने भी पुलिस को दिए गए बयानों से मुकर गए।
न्यायालय ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सौरभ पाठक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।अदालत ने सौरभ पाठक के व्यक्तिगत बंधपत्र निरस्त करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।
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सम्मनपुर क्षेत्र के कटघरमूसा निवासी रामभारत ने 15 मई 2021 को एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनका बेटा मनोज कुमार 14 मई 2021 की रात गांधी नगर स्कूल के पास बेहोशी की हालत में मिला था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बाद में पुलिस जांच में सौरभ पाठक और रामसुरेश उर्फ मुछू का नाम सामने आया था। अभियोजन का दावा था कि दोनों ने प्रेम प्रसंग और रंजिश के चलते मनोज को कोल्डड्रिंक में चूहा मारने की दवा मिलाकर पिला दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दोनों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। सुनवाई के दौरान कई अहम गवाह अपने बयानों से मुकर गए। मृतक के पिता और वादी रामभारत ने अदालत में कहा कि उन्हें घटना की सही जानकारी नहीं है और गांव वालों के कहने पर रिपोर्ट लिखाई गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा नशे का आदी था और घटना वाले दिन पत्नी से झगड़े के बाद तनाव में था। मृतक के भाई प्रदीप कुमार ने भी अदालत में मामले के बारे में जानकारी होने से इन्कार कर दिया। वहीं नीरज, प्रियंका और अन्य गवाहों ने भी पुलिस को दिए गए बयानों से मुकर गए।
न्यायालय ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सौरभ पाठक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।अदालत ने सौरभ पाठक के व्यक्तिगत बंधपत्र निरस्त करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।