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Ambedkar Nagar News: जुलाई में 19.1 मिमी कम हुई बारिश, उत्पादन कम होने के आसार
Sat, 01 Aug 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:12 AM IST
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19.1 मिमी कम हुई बारिश
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अंबेडकरनगर। सावन शुरू हो चुके हैं, लेकिन मेघ अब भी आंख-मिचौली खेल रहे हैं। शुक्रवार को बादलों ने पूरे दिन बारिश का एहसास कराया, मगर बूंदें नहीं बरसीं। उमस से लोग परेशान रहे और खेतों में बारिश की आस लगाए बैठे किसानों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया। जुलाई में पिछले साल की तुलना में कम बारिश ने खेती की चिंता बढ़ा दी है।
शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के आंकड़े भी इस बार मौसम की बेरुखी की कहानी बयां कर रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार जुलाई में 18 दिन बारिश जरूर हुई, लेकिन ज्यादातर दिनों में सिर्फ नाममात्र की बूंदें गिरीं। पूरे महीने में 405.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.1 मिमी कम है। पिछले साल जुलाई में सिर्फ 15 दिन बारिश हुई थी, लेकिन तेज बरसात के चलते कुल 424.4 मिमी पानी बरसा था। इस बार अच्छी बारिश सिर्फ कुछ दिनों तक सीमित रही। 12 जुलाई को 67 मिमी, 20 जुलाई को 82 मिमी और 21 जुलाई को 40.5 मिमी वर्षा हुई, जबकि बाकी दिनों में एक-दो से लेकर 20 मिमी तक ही पानी गिरा। यही वजह है कि खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा ने बताया कि शनिवार और रविवार को बेहतर बारिश की संभावना है।
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बारिश न होने से धान की फसल पर संकट
फोटो-31
श्रवण क्षेत्र के खोजापुर गांव निवासी अमरजीत यादव ने बताया कि धान की रोपाई पूरी होने के बावजूद बारिश की कमी से फसल संकट में है। खेतों में नमी खत्म होने लगी है और कई स्थानों पर दरारें पड़ गई हैं। ऐसे में बारिश हो जाए तो सिचाईं से राहत मिल सकेगी।
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बारिश हो तो सिचाई में मिले राहत
फोटो-32
सुलेमपुर परसावां निवासी मुन्नीलाल मौर्य ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करने से लागत बढ़ रही है, जबकि छोटे किसान सिंचाई भी नहीं करा पा रहे हैं। मुन्नीलाल के मुताबिक खेतों में धान की रोपाई हो चुकी है। अब सिचाई की बारी है लेकिन बारिश न होने के कारण मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
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शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के आंकड़े भी इस बार मौसम की बेरुखी की कहानी बयां कर रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार जुलाई में 18 दिन बारिश जरूर हुई, लेकिन ज्यादातर दिनों में सिर्फ नाममात्र की बूंदें गिरीं। पूरे महीने में 405.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.1 मिमी कम है। पिछले साल जुलाई में सिर्फ 15 दिन बारिश हुई थी, लेकिन तेज बरसात के चलते कुल 424.4 मिमी पानी बरसा था। इस बार अच्छी बारिश सिर्फ कुछ दिनों तक सीमित रही। 12 जुलाई को 67 मिमी, 20 जुलाई को 82 मिमी और 21 जुलाई को 40.5 मिमी वर्षा हुई, जबकि बाकी दिनों में एक-दो से लेकर 20 मिमी तक ही पानी गिरा। यही वजह है कि खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा ने बताया कि शनिवार और रविवार को बेहतर बारिश की संभावना है।
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बारिश न होने से धान की फसल पर संकट
फोटो-31
श्रवण क्षेत्र के खोजापुर गांव निवासी अमरजीत यादव ने बताया कि धान की रोपाई पूरी होने के बावजूद बारिश की कमी से फसल संकट में है। खेतों में नमी खत्म होने लगी है और कई स्थानों पर दरारें पड़ गई हैं। ऐसे में बारिश हो जाए तो सिचाईं से राहत मिल सकेगी।
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बारिश हो तो सिचाई में मिले राहत
फोटो-32
सुलेमपुर परसावां निवासी मुन्नीलाल मौर्य ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करने से लागत बढ़ रही है, जबकि छोटे किसान सिंचाई भी नहीं करा पा रहे हैं। मुन्नीलाल के मुताबिक खेतों में धान की रोपाई हो चुकी है। अब सिचाई की बारी है लेकिन बारिश न होने के कारण मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।