सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   School vehicle carrying twice the capacity of children is speeding

Ambedkar Nagar News: क्षमता से दो गुना बच्चों को लेकर फर्राटा भर रहे स्कूली वाहन

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 10:37 PM IST
विज्ञापन
School vehicle carrying twice the capacity of children is speeding
स्कूली बस में बैठकर घर लाते पाल्य। संवाद
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। शहर से ग्रामीणांचल तक घर से स्कूल तक का सफर बच्चों के लिए किसी जोखिम से कम नहीं है। स्कूली बस, वैन, टेंपो के अलावा ई रिक्शाें में भी क्षमता से दो गुना से भी अधिक बच्चों को ठूंस कर बैठाया जा रहा है। ऐसे वाहन सड़कों पर फर्राटे भर रहे हैं, लेकिन इन पर परिवहन विभाग व पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
Trending Videos

अकबरपुर तहसील तिराहे पर मदर टेरेसा मेमोरियल स्कूल तमसा मार्ग की स्कूली वैन की खिड़की में क्षैतिज ग्रिल नहीं लगी थी, न ही सुरक्षा के अन्य कोई इंतजाम थे। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। जीएसएस एकेडमी इमामबाग शहजादपुर की स्कूली वैन की पिछली सीट की खिड़की से गर्दन बाहर निकालकर एक नौनिहाल झांकता दिखा। वैन की खिड़की में केवल एक क्षैतिज ग्रिल लगी हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अयोध्या मार्ग पर यूपी 45 टी 5907 स्कूली वाहन जा रहा था। इसका रंग पीला नहीं था। वाहन के पिछले हिस्से में न तो क्षैतिज ग्रिल लगी थी न ही कोई सुरक्षा जाली लगी थी। ऐसे में जरा सी चूक से हादसे का अंदेशा था। अयोध्या मार्ग पर स्थित स्कूली वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था। सीट न होने से एक स्कूली बच्चा खिड़की पर लगे क्षैतिज ग्रिल पर बैठा था। पिछले हिस्से में इस कदर भीड़ थी कि छात्रा का हाथ बाहर निकला था। इसी स्कूल की बस नंबर यूपी 45 टी 5756 में बच्चों को ठूंस कर ले जाया जा रहा था, जितने बच्चे सीट बैठे थे उतने ही सीट व बीच में खड़े नजर आए।
ई रिक्शे से ढोए जा रहे पाल्य
स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए नए आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। ई रिक्शा जैसे असुरक्षित वाहनों में स्कूली बच्चों के परिवहन पर रोक के बावजूद निजी स्कूल इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। चार सीटर ई रिक्शा पर चालक आगे व पीछे मिलाकर 10 बच्चों को बैठाकर सड़क पर फर्राटा भरता दिखाई पड़ा।
सुरक्षा के सभी मानक पूरे होना जरूरी
स्कूली वाहन में सीटिंग क्षमता से डेढ़ गुना अनुमन्य है। क्षैतिज ग्रिल होने के साथ ही सुरक्षा के सभी मानक पूरे होने चाहिए। ऐसा न होने पर स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
सतेंद्र कुमार यादव, एआरटीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed