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Amethi News: पशु तस्करों को संरक्षण देने का आरोप, आरक्षी लाइन हाजिर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 16 Jan 2026 12:38 AM IST
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बाजारशुकुल। पशु तस्करों को संरक्षण देने के आरोप में थाने में तैनात एक आरक्षी को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी कर रहे हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी जांच अथवा शिकायत के आधार पर लाइन हाजिर करने की बात से इन्कार कर रहे हैं।
अयोध्या के तालगांव निवासी कमेंद्र कुमार पांडेय ने सात जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया कि थाने में करीब सात वर्षों से चालक पद पर तैनात आरक्षी आपराधिक तत्वों से मिलीभगत रखता है। शिकायत के अनुसार आरक्षी पशु तस्करों को संरक्षण देता रहा और जिले की सीमा पार कराने में सहयोग करता रहा।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर धन वसूला जाता रहा। जो लोग विरोध करते हैं, उन्हें गंभीर मामलों में फंसाने का भय दिखाया जाता है। इस डर से कई पीड़ित सामने आने से बचते रहे। शिकायत में आरक्षी के खिलाफ निलंबन और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार 14 जनवरी को क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह ने कार्यालय बुलाकर बयान दर्ज किया।
एसपी स्तर से मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। थानाध्यक्ष विवेक वर्मा का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती के कारण आरक्षी को रुटीन प्रक्रिया के तहत पुलिस लाइन भेजा गया है।
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अयोध्या के तालगांव निवासी कमेंद्र कुमार पांडेय ने सात जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया कि थाने में करीब सात वर्षों से चालक पद पर तैनात आरक्षी आपराधिक तत्वों से मिलीभगत रखता है। शिकायत के अनुसार आरक्षी पशु तस्करों को संरक्षण देता रहा और जिले की सीमा पार कराने में सहयोग करता रहा।
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शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर धन वसूला जाता रहा। जो लोग विरोध करते हैं, उन्हें गंभीर मामलों में फंसाने का भय दिखाया जाता है। इस डर से कई पीड़ित सामने आने से बचते रहे। शिकायत में आरक्षी के खिलाफ निलंबन और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार 14 जनवरी को क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह ने कार्यालय बुलाकर बयान दर्ज किया।
एसपी स्तर से मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। थानाध्यक्ष विवेक वर्मा का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती के कारण आरक्षी को रुटीन प्रक्रिया के तहत पुलिस लाइन भेजा गया है।
