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Amethi News: आंख, कान व वाणी पर नियंत्रण बेहद जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:52 AM IST
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अमेठी। एक दृश्य हमारा पूरा आचरण बदल सकता है। इसलिए आंख, कान और वाणी पर नियंत्रण होना बेहद जरूरी है। भगवान पर जितना विश्वास करोगे, उतना ही अच्छा है। ये बातें सहजीपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को प्रवाचक आचार्य डाॅ. शुभम शुक्ल ने भगवान कृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं की कथा सुनाते हुए कहीं।
प्रवाचक ने कहा कि सदा अपने नेत्र, कान और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। जैसा हम सुनते हैं, देखते हैं, ठीक वैसा ही आचरण करते हैं। ये आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप क्या देख रहे हैं, क्या सुन रहे हैं। देखना और सुनना अगर सुधरा हुआ हो, अच्छा हो तो व्यक्ति कभी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा। मनुष्य को हमेशा सदाचार व धर्म का मार्ग अपनाना चाहिए, इससे उसका जीवन सुखमय हो जाता है। साथ ही परिवार विकास की ओर अग्रसर रहता है। इस मौके पर मुख्य यजमान शेषकुमारी, सियाराम मिश्र, अमित मिश्र, पप्पू आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि सदा अपने नेत्र, कान और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। जैसा हम सुनते हैं, देखते हैं, ठीक वैसा ही आचरण करते हैं। ये आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप क्या देख रहे हैं, क्या सुन रहे हैं। देखना और सुनना अगर सुधरा हुआ हो, अच्छा हो तो व्यक्ति कभी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा। मनुष्य को हमेशा सदाचार व धर्म का मार्ग अपनाना चाहिए, इससे उसका जीवन सुखमय हो जाता है। साथ ही परिवार विकास की ओर अग्रसर रहता है। इस मौके पर मुख्य यजमान शेषकुमारी, सियाराम मिश्र, अमित मिश्र, पप्पू आदि मौजूद रहे।
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