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Amethi News: छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:39 AM IST
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अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के बाद मास्टर ट्रेनर व शिक्षकों संग मौजूद छात्राएं। संवाद
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शाहगढ़। विपरीत परिस्थितियों में भी घबराना नहीं चाहिए। असामाजिक व्यवहार की स्थिति में घबराने के बजाए डटकर उनका सामना करें। जनता इंटर कॉलेज रामगंज में शनिवार को अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को विधिक अधिकार, सामाजिक जागरूकता और आत्मरक्षा से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी देना रहा।
जूडो-कराटे प्रशिक्षक अल्कमा कौशर ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर शांत रहते हुए स्थिति को समझना जरूरी है। अनुचित व्यवहार की जानकारी परिवार तक पहुंचाने से आगे की कानूनी प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ती है। प्रशिक्षक ने जूडो कराटे आधारित आत्मरक्षा तकनीकों का अभ्यास कराया। छात्राओं को संतुलन बनाए रखने, सुरक्षित दूरी रखने, हाथ-पैर के सही प्रयोग और अचानक पकड़ में आने की स्थिति से बाहर निकलने के उपाय बताए गए।
उन्होंने समझाया कि आत्मरक्षा का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि स्वयं की सुरक्षा है। अभ्यास के दौरान छात्राओं को यह भी बताया गया कि आत्मविश्वास और सतर्कता से जोखिम की स्थिति को टाला जा सकता है। आत्मरक्षा सत्र में मानसिक तैयारी के महत्व पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षक ने कहा कि मानसिक सजगता से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।
नियमित अभ्यास से डर की भावना कम होती है और परिस्थितियों को समझने की शक्ति बढ़ती है। छात्राओं ने अभ्यास में सक्रिय भागीदारी करते हुए दिए गए निर्देशों का पालन किया।
कार्यक्रम में छात्राओं को विभिन्न सहायता हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। आपातस्थिति में संपर्क किए जाने वाले नंबरों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया। सत्र के दौरान छात्राओं ने सवाल पूछे, जिनका उत्तर दिया गया।
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जूडो-कराटे प्रशिक्षक अल्कमा कौशर ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर शांत रहते हुए स्थिति को समझना जरूरी है। अनुचित व्यवहार की जानकारी परिवार तक पहुंचाने से आगे की कानूनी प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ती है। प्रशिक्षक ने जूडो कराटे आधारित आत्मरक्षा तकनीकों का अभ्यास कराया। छात्राओं को संतुलन बनाए रखने, सुरक्षित दूरी रखने, हाथ-पैर के सही प्रयोग और अचानक पकड़ में आने की स्थिति से बाहर निकलने के उपाय बताए गए।
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उन्होंने समझाया कि आत्मरक्षा का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि स्वयं की सुरक्षा है। अभ्यास के दौरान छात्राओं को यह भी बताया गया कि आत्मविश्वास और सतर्कता से जोखिम की स्थिति को टाला जा सकता है। आत्मरक्षा सत्र में मानसिक तैयारी के महत्व पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षक ने कहा कि मानसिक सजगता से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।
नियमित अभ्यास से डर की भावना कम होती है और परिस्थितियों को समझने की शक्ति बढ़ती है। छात्राओं ने अभ्यास में सक्रिय भागीदारी करते हुए दिए गए निर्देशों का पालन किया।
कार्यक्रम में छात्राओं को विभिन्न सहायता हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। आपातस्थिति में संपर्क किए जाने वाले नंबरों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया। सत्र के दौरान छात्राओं ने सवाल पूछे, जिनका उत्तर दिया गया।