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Amethi News: भट्ठियों पर लौटे होटल, गैस संकट से थाली महंगी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 30 Mar 2026 12:31 AM IST
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गौरीगंज शहर स्थित शिवांशु गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की भीड़। -संवाद
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अमेठी सिटी। जिले में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी से जनजीवन प्रभावित है। होटल और ढाबों में गैस के स्थान पर भट्ठियों पर खाना बन रहा है। लागत बढ़ने से थाली के दाम बढ़ गए हैं। दूसरी ओर गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतार लग रही है, फिर भी सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा।
जिले में 32 गैस एजेंसियां संचालित हैं और करीब पांच लाख उपभोक्ता जुड़े हैं। इसके बावजूद आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। गौरीगंज, अमेठी बाजार, जायस, मोहनगंज, रामगंज और मुंशीगंज सहित कई बाजारों में उपभोक्ता परेशान हैं। कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी का सीधा असर होटल और ढाबों पर पड़ा है। गैस न मिलने पर संचालकों ने लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधन अपनाया है। इससे खर्च बढ़ गया है। पहले जहां सामान्य थाली 80 रुपये में मिलती थी, अब 90 से 100 रुपये तक पहुंच गई है।
दाल और सब्जी के दाम भी बढ़े हैं। संचालकों का कहना है कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कीमतें और बढ़ सकती हैं। घरेलू सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। एजेंसियों पर सुबह से भीड़ जुटती है। सीमित वितरण के कारण कई लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। कतार में लगे उपभोक्ताओं ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा, जिससे बार-बार आना पड़ रहा है। बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं हो रही।
उपभोक्ताओं के अनुसार सिलिंडर मिलने में 10 से 15 दिन लग रहे हैं। इससे घरों में खाना बनाने की समस्या बढ़ गई है। कई परिवारों ने चूल्हे और लकड़ी का सहारा लिया है, जिससे धुएं की परेशानी भी बढ़ी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और कठिन है। एजेंसियों तक पहुंच सीमित होने के साथ सिलिंडर की उपलब्धता भी कम है। लोगों को कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पर्याप्त आपूर्ति न होने से दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
गैस की कमी से छोटे कारोबार भी प्रभावित हैं। जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत का कहना है कि सिलिंडर की उपलब्धता बनी हुई है और मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है।
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जिले में 32 गैस एजेंसियां संचालित हैं और करीब पांच लाख उपभोक्ता जुड़े हैं। इसके बावजूद आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। गौरीगंज, अमेठी बाजार, जायस, मोहनगंज, रामगंज और मुंशीगंज सहित कई बाजारों में उपभोक्ता परेशान हैं। कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी का सीधा असर होटल और ढाबों पर पड़ा है। गैस न मिलने पर संचालकों ने लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधन अपनाया है। इससे खर्च बढ़ गया है। पहले जहां सामान्य थाली 80 रुपये में मिलती थी, अब 90 से 100 रुपये तक पहुंच गई है।
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दाल और सब्जी के दाम भी बढ़े हैं। संचालकों का कहना है कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कीमतें और बढ़ सकती हैं। घरेलू सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। एजेंसियों पर सुबह से भीड़ जुटती है। सीमित वितरण के कारण कई लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। कतार में लगे उपभोक्ताओं ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा, जिससे बार-बार आना पड़ रहा है। बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं हो रही।
उपभोक्ताओं के अनुसार सिलिंडर मिलने में 10 से 15 दिन लग रहे हैं। इससे घरों में खाना बनाने की समस्या बढ़ गई है। कई परिवारों ने चूल्हे और लकड़ी का सहारा लिया है, जिससे धुएं की परेशानी भी बढ़ी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और कठिन है। एजेंसियों तक पहुंच सीमित होने के साथ सिलिंडर की उपलब्धता भी कम है। लोगों को कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पर्याप्त आपूर्ति न होने से दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
गैस की कमी से छोटे कारोबार भी प्रभावित हैं। जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत का कहना है कि सिलिंडर की उपलब्धता बनी हुई है और मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है।