{"_id":"6a67b3efb031b2affd034dd7","slug":"power-supply-remained-disrupted-for-16-hours-in-several-areas-due-to-a-fault-amethi-news-c-96-1-ame1022-171884-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: फाल्ट से कई इलाकों में 16 घंटे तक गुल रही बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: फाल्ट से कई इलाकों में 16 घंटे तक गुल रही बिजली
Tue, 28 Jul 2026 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 28 Jul 2026 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी सिटी। उमस भरी गर्मी में बढ़ती बिजली मांग से ऊर्जा निगम की तैयारियां एक बार फिर से कागजी साबित हो रही है। मुख्य केबल में खराबी, लोकल फॉल्ट और लगातार ट्रिपिंग के कारण रविवार रात से सोमवार तक जिला मुख्यालय समेत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई उपकेंद्रों से जुड़े कई इलाकों में 12 से 16 घंटे तक बिजली गुल रही। जिससे उमस भरी गर्मी में लोगों को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा। बिजली संकट का असर धान की रोपाई और खेतों में की जाने वाली सिंचाई पर भी पड़ा।
गौरीगंज पावर हाउस से रविवार रात करीब 7:50 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो करीब तीन घंटे बाद बहाल हो सकी। इसके बाद पूरी रात ट्रिपिंग का सिलसिला चलता रहा। सोमवार सुबह भी शहर के कई मोहल्लों में बिजली नहीं रही। करपिया उपकेंद्र की आपूर्ति रविवार शाम 6:25 बजे बाधित हुई और रात 12:35 बजे बहाल हो सकी। शुकुलपुर उपकेंद्र से रात 8:20 बजे से 1:27 बजे तक बिजली गुल रही। इसके बाद भी रातभर ट्रिपिंग होती रही। सोमवार को दिनभर पांच बार में छह घंटे से अधिक आपूर्ति बाधित रही और लो वोल्टेज की समस्या बनी रही।
जामों उपकेंद्र की बिजली रविवार रात 9:17 बजे बंद हुई और रात 2:35 बजे बहाल हो सकी। सोमवार सुबह छह बजे फिर आपूर्ति बाधित हो गई। अमेठी उपकेंद्र के गंगागंज क्षेत्र में एबीसी केबल टूटने तथा टाउन-दो फीडर में तकनीकी खराबी से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। पीठीपुर उपकेंद्र के रामगढ़, संग्रामपुर और महाराजपुर फीडरों पर तार टूटने और पेड़ गिरने से भी कई गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। जगदीशपुर, भादर, बेनीपुर, जायस, तिलोई और सेमरौता क्षेत्रों में भी 12 से 16 घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही।अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि लाइन में खराबी आने पर मरम्मत के लिए कुछ समय बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ती है। फॉल्ट दूर होते ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाती है।
विज्ञापन
मेन केबल फूंकने से दिनभर संकट
मुसाफिरखाना। पूरे लुसई रेलवे क्रॉसिंग के पास भूमिगत मेन सप्लाई केबल फूंकने से नगर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रातभर और सोमवार दिनभर उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। अवर अभियंता वीरेंद्र ने बताया कि मुख्यालय से नई केबल मिलने के बाद फॉल्ट ठीक कराया जाएगा। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था से सीमित आपूर्ति दी जा रही है।
विज्ञापन
गौरीगंज पावर हाउस से रविवार रात करीब 7:50 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो करीब तीन घंटे बाद बहाल हो सकी। इसके बाद पूरी रात ट्रिपिंग का सिलसिला चलता रहा। सोमवार सुबह भी शहर के कई मोहल्लों में बिजली नहीं रही। करपिया उपकेंद्र की आपूर्ति रविवार शाम 6:25 बजे बाधित हुई और रात 12:35 बजे बहाल हो सकी। शुकुलपुर उपकेंद्र से रात 8:20 बजे से 1:27 बजे तक बिजली गुल रही। इसके बाद भी रातभर ट्रिपिंग होती रही। सोमवार को दिनभर पांच बार में छह घंटे से अधिक आपूर्ति बाधित रही और लो वोल्टेज की समस्या बनी रही।
विज्ञापन
जामों उपकेंद्र की बिजली रविवार रात 9:17 बजे बंद हुई और रात 2:35 बजे बहाल हो सकी। सोमवार सुबह छह बजे फिर आपूर्ति बाधित हो गई। अमेठी उपकेंद्र के गंगागंज क्षेत्र में एबीसी केबल टूटने तथा टाउन-दो फीडर में तकनीकी खराबी से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। पीठीपुर उपकेंद्र के रामगढ़, संग्रामपुर और महाराजपुर फीडरों पर तार टूटने और पेड़ गिरने से भी कई गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। जगदीशपुर, भादर, बेनीपुर, जायस, तिलोई और सेमरौता क्षेत्रों में भी 12 से 16 घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही।अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि लाइन में खराबी आने पर मरम्मत के लिए कुछ समय बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ती है। फॉल्ट दूर होते ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाती है।
विज्ञापन
मेन केबल फूंकने से दिनभर संकट
मुसाफिरखाना। पूरे लुसई रेलवे क्रॉसिंग के पास भूमिगत मेन सप्लाई केबल फूंकने से नगर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रातभर और सोमवार दिनभर उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। अवर अभियंता वीरेंद्र ने बताया कि मुख्यालय से नई केबल मिलने के बाद फॉल्ट ठीक कराया जाएगा। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था से सीमित आपूर्ति दी जा रही है।