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Amethi News: निरंतर साधना से ईश्वर की प्राप्ति संभव
Sat, 08 Aug 2026 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 08 Aug 2026 12:28 AM IST
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अमेठी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में साधना करते साधक। स्रोत: गायत्री परिवार
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अमेठी। गायत्री शक्तिपीठ में 40 दिवसीय साधना के नौवें दिन शुक्रवार को साधकों ने श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान आध्यात्मिक उन्नति, चरित्र निर्माण और जीवन में सद्गुणों को अपनाने का संदेश दिया गया।
साधक पं. चंद्रभान मिश्र ने कहा कि भक्ति की सहजता साधक और भगवान के बीच सच्चे, गहरे और निस्वार्थ संबंध पर आधारित होती है। उच्च आदर्शों को जीवन में उतारना आध्यात्मिक उन्नति की पहली सीढ़ी है। इससे व्यक्ति के विचार, व्यवहार और आचरण में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
उन्हाेंने कहा कि अडिग आस्था, पवित्र प्रेरणा और निस्वार्थ सेवा ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम के आधार हैं। धैर्य, संयम, सहनशीलता और सहयोग जैसे गुण व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारते हैं और समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। ईश्वर की प्राप्ति निरंतर साधना और श्रेष्ठ आचरण से संभव है। इस अवसर पर डॉ. सत्येंद्र श्रीवास्तव, डॉ. सुधीर सिंह, राणा प्रताप सिंह, पं. इंद्रदेव शर्मा, सुभाष चंद्र द्विवेदी, चिरोंजीलाल, मगनलाल, कुसुम शर्मा, शकुंतला पांडेय, सुनीता सिंह, शीला जायसवाल, प्रीति सिंह, दिनेश सिंह और लाल अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।
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साधक पं. चंद्रभान मिश्र ने कहा कि भक्ति की सहजता साधक और भगवान के बीच सच्चे, गहरे और निस्वार्थ संबंध पर आधारित होती है। उच्च आदर्शों को जीवन में उतारना आध्यात्मिक उन्नति की पहली सीढ़ी है। इससे व्यक्ति के विचार, व्यवहार और आचरण में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
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उन्हाेंने कहा कि अडिग आस्था, पवित्र प्रेरणा और निस्वार्थ सेवा ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम के आधार हैं। धैर्य, संयम, सहनशीलता और सहयोग जैसे गुण व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारते हैं और समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। ईश्वर की प्राप्ति निरंतर साधना और श्रेष्ठ आचरण से संभव है। इस अवसर पर डॉ. सत्येंद्र श्रीवास्तव, डॉ. सुधीर सिंह, राणा प्रताप सिंह, पं. इंद्रदेव शर्मा, सुभाष चंद्र द्विवेदी, चिरोंजीलाल, मगनलाल, कुसुम शर्मा, शकुंतला पांडेय, सुनीता सिंह, शीला जायसवाल, प्रीति सिंह, दिनेश सिंह और लाल अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।
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