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Amethi News: एक साल में ही सूख गए 50 लाख के सोलर वाटर कूलर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 23 Feb 2026 12:23 AM IST
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मुसाफिरखाना रोड पर खराब पड़ा आरओ प्लांट।-संवाद
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अमेठी सिटी। अभी गर्मी शुरू नहीं हुई है लेकिन जिला मुख्यालय पर पेयजल की समस्या गहरा गई है। करीब एक वर्ष पहले 50 लाख रुपये खर्च कर लगाए गए आरओ युक्त सोलर वाटर कूलर अब बेकार हो गए हैं। 10 प्रमुख स्थानों पर स्थापित अधिकांश कूलर बंद पड़े हैं, जिससे गर्मियों में स्थानीय नागरिकों को परेशानी होगी।
गौरीगंज जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला अस्पताल सहित कई सरकारी दफ्तर हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं। शुद्ध पेयजल सुविधा देने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में 10 प्रमुख स्थानों पर ये वाटर कूलर लगाए गए थे। शुरुआत में कुछ दिन तक पानी मिला, लेकिन धीरे-धीरे अधिकांश मशीनें बंद हो गईं। एक वर्ष के भीतर ही अधिकांश प्लांट ठप हो गए हैं।
नियमित देखरेख के अभाव में उपकरण खराब हो गए हैं। टोंटियां उखड़ी, मोटर जली, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, फिल्टर न बदलने और सोलर पैनल की सफाई न होने जैसी समस्याएं हैं। कुछ जगह बिजली कनेक्शन भी बाधित है। ऐसे में लोगों को गर्मी में हैंडपंप या बोतलबंद पानी से प्यास बुझानी पड़ेगी।
इन स्थानों पर लगे हैं वाटर कूलर
तहसील गेट, जामों तिराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, फलमंडी, मुसाफिरखाना तिराहा, सुल्तानपुर मार्ग के पास, सैंठा रोड मोड़, विकास भवन, अस्पताल गेट और लोदी बाबा स्थल पर कूलर लगाए गए थे। रेलवे स्टेशन के पास लगा प्लांट लंबे समय से बंद है। बस अड्डे के समीप सुलभ कॉम्प्लेक्स के सामने टोंटियां उखड़ी पड़ी हैं। मोटर जली बताई जा रही है और पाइपलाइन टूटी पड़ी है। सहकारिता कार्यालय के सामने भी जल आपूर्ति बाधित है। फलमंडी और सैंठा रोड तिराहा क्षेत्र में मशीनें चालू नहीं हैं। अस्पताल गेट पर मरीजों के परिजनों को पानी तलाशना पड़ रहा है। विकास भवन परिसर में लगा कूलर धूल फांक रहा है।
गर्मी में बढ़ेगी परेशानी
नगर निवासी राजा यादव, दिनेश तिवारी, राजू पांडेय और अमित कुमार ने कहा कि शुरुआत में कुछ दिन पानी मिला, फिर मशीनें बंद हो गईं। शिकायत के बाद भी सुधार नहीं हुआ। यात्रियों को स्टेशन और बस अड्डे पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर होने की आशंका है। उनका कहना है कि जवाबदेही तय होनी चाहिए और नियमित रखरखाव की व्यवस्था बने, तभी सार्वजनिक धन से बनी यह योजना उपयोगी साबित होगी।
करवाई जा रही मरम्मत
अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि कई आरओ युक्त वाटर कूलरों में तकनीकी खराबी की सूचना मिली है। सभी आरओ युक्त वाटर कूलरों की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। जल्द ही सभी वाटर कूलरों को सही कराया जाएगा।
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नियमित देखरेख के अभाव में उपकरण खराब हो गए हैं। टोंटियां उखड़ी, मोटर जली, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, फिल्टर न बदलने और सोलर पैनल की सफाई न होने जैसी समस्याएं हैं। कुछ जगह बिजली कनेक्शन भी बाधित है। ऐसे में लोगों को गर्मी में हैंडपंप या बोतलबंद पानी से प्यास बुझानी पड़ेगी।
इन स्थानों पर लगे हैं वाटर कूलर
तहसील गेट, जामों तिराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, फलमंडी, मुसाफिरखाना तिराहा, सुल्तानपुर मार्ग के पास, सैंठा रोड मोड़, विकास भवन, अस्पताल गेट और लोदी बाबा स्थल पर कूलर लगाए गए थे। रेलवे स्टेशन के पास लगा प्लांट लंबे समय से बंद है। बस अड्डे के समीप सुलभ कॉम्प्लेक्स के सामने टोंटियां उखड़ी पड़ी हैं। मोटर जली बताई जा रही है और पाइपलाइन टूटी पड़ी है। सहकारिता कार्यालय के सामने भी जल आपूर्ति बाधित है। फलमंडी और सैंठा रोड तिराहा क्षेत्र में मशीनें चालू नहीं हैं। अस्पताल गेट पर मरीजों के परिजनों को पानी तलाशना पड़ रहा है। विकास भवन परिसर में लगा कूलर धूल फांक रहा है।
गर्मी में बढ़ेगी परेशानी
नगर निवासी राजा यादव, दिनेश तिवारी, राजू पांडेय और अमित कुमार ने कहा कि शुरुआत में कुछ दिन पानी मिला, फिर मशीनें बंद हो गईं। शिकायत के बाद भी सुधार नहीं हुआ। यात्रियों को स्टेशन और बस अड्डे पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर होने की आशंका है। उनका कहना है कि जवाबदेही तय होनी चाहिए और नियमित रखरखाव की व्यवस्था बने, तभी सार्वजनिक धन से बनी यह योजना उपयोगी साबित होगी।
करवाई जा रही मरम्मत
अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि कई आरओ युक्त वाटर कूलरों में तकनीकी खराबी की सूचना मिली है। सभी आरओ युक्त वाटर कूलरों की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। जल्द ही सभी वाटर कूलरों को सही कराया जाएगा।
