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Amethi News: 30 हजार की पूंजी से खड़ा किया कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 06 Apr 2026 12:17 AM IST
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अमेठी के दादूपुर में अगरबत्ती बनाती समूह की महिलाएं। स्रोत: स्वयं
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अमेठी सिटी। हौसले और मेहनत के दम पर सीमित संसाधनों में भी सफलता हासिल की जा सकती है। दादूपुर गांव की महिलाओं ने इसे साबित किया है। आर्थिक तंगी से जूझ रही इन महिलाओं ने पांच साल पहले छोटे स्तर पर स्वरोजगार की शुरुआत की और आज आत्मनिर्भर बनकर दूसरों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
गांव की शायना बानो ने वर्ष 2021 में मात्र 100 रुपये की बचत से आशा महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। समूह में अध्यक्ष कैसर बानो, सचिव नीलू, कोषाध्यक्ष शायना बानो सहित कुल 10 महिलाएं शामिल हुईं। शुरुआती दौर में संसाधनों की कमी थी, लेकिन महिलाओं ने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपने कदम मजबूत किए। वर्ष 2022 में समूह ने 30 हजार रुपये की पूंजी से अगरबत्ती बनाने का कार्य शुरू किया। कानपुर से कच्चा माल मंगाकर घर पर ही अगरबत्ती तैयार की।
गुणवत्ता और खुशबू के कारण उत्पाद को बाजार में पहचान मिली और शुरुआती चरण में ही करीब आठ हजार रुपये की कमाई हुई। आज यही समूह हर सदस्य को प्रतिमाह 12 हजार रुपये से अधिक की आमदनी दे रहा है, जिससे प्रति महिला सालाना आय लगभग 1.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी अगरबत्ती स्थानीय बाजार के साथ गोंडा और अयोध्या तक पहुंच चुकी है।
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गांव की शायना बानो ने वर्ष 2021 में मात्र 100 रुपये की बचत से आशा महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। समूह में अध्यक्ष कैसर बानो, सचिव नीलू, कोषाध्यक्ष शायना बानो सहित कुल 10 महिलाएं शामिल हुईं। शुरुआती दौर में संसाधनों की कमी थी, लेकिन महिलाओं ने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपने कदम मजबूत किए। वर्ष 2022 में समूह ने 30 हजार रुपये की पूंजी से अगरबत्ती बनाने का कार्य शुरू किया। कानपुर से कच्चा माल मंगाकर घर पर ही अगरबत्ती तैयार की।
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गुणवत्ता और खुशबू के कारण उत्पाद को बाजार में पहचान मिली और शुरुआती चरण में ही करीब आठ हजार रुपये की कमाई हुई। आज यही समूह हर सदस्य को प्रतिमाह 12 हजार रुपये से अधिक की आमदनी दे रहा है, जिससे प्रति महिला सालाना आय लगभग 1.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी अगरबत्ती स्थानीय बाजार के साथ गोंडा और अयोध्या तक पहुंच चुकी है।