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Amethi News: खुलेंगे महिला अस्पताल व बालिका छात्रावास, बढ़ेगा मातृशक्ति का मनोबल
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:38 AM IST
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अमेठी सिटी। इस बार के आम बजट में मातृशक्ति का विशेष ध्यान रखा गया है। हर जिले में महिला अस्पताल और छात्रावास खोले जाने की घोषणा इसकी ताकीद करती है। साथ ही लखपति दीदी को रिटेल आउटलेट खोलने के लिए सी-मार्ट योजना शुरू की गई है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होगा।
मौजूदा समय में गौरीगंज मुख्यालय में जिला संयुक्त अस्पताल संचालित है। इसी में 50 बेड की मैटर्निटी विंग भी है। यहां महिला चिकित्सक के पद रिक्त हैं। सीएमओ ने दो महिला चिकित्सकों को संबद्ध कर रखा है। देखा जाए तो जैसे-तैसे गर्भवतियों का उपचार हो रहा है।
जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर तिलोई में मेडिकल कॉलेज खुला है। हकीकत ये है कि अमेठी, भादर, संग्रामपुर और भेंटुआ की गर्भवती बेहतर उपचार के लिए सुल्तानपुर, मुसाफिरखाना, बाजारशुकुल, जगदीशपुर, जामों और शिवगढ़ की लखनऊ, गौरीगंज, जायस और फुरसतगंज की महिलाएं रायबरेली एम्स जाती हैं। जिला मुख्यालय पर महिला अस्पताल खुलता है तो आधी आबादी को काफी सहूलियत मिलेगी।
सी-मार्ट से बदलेगी आर्थिक दशा
जिले में अभी 18 हजार लखपति दीदी हैं। आम बजट में लखपति दीदी योजना को और विस्तार देने की घोषणा की गई है।
लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत अब महिलाओं को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उनके उत्पादों को बेचने के लिए रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे। इससे महिलाओं को बाजार से जोड़ने, स्थायी आय के साधन बनाने और उद्यमिता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। सरकार का यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए नए अवसर खोलेगा। सी-मार्ट के लिए वे कम ब्याज पर लोन भी ले सकती हैं।
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मौजूदा समय में गौरीगंज मुख्यालय में जिला संयुक्त अस्पताल संचालित है। इसी में 50 बेड की मैटर्निटी विंग भी है। यहां महिला चिकित्सक के पद रिक्त हैं। सीएमओ ने दो महिला चिकित्सकों को संबद्ध कर रखा है। देखा जाए तो जैसे-तैसे गर्भवतियों का उपचार हो रहा है।
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जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर तिलोई में मेडिकल कॉलेज खुला है। हकीकत ये है कि अमेठी, भादर, संग्रामपुर और भेंटुआ की गर्भवती बेहतर उपचार के लिए सुल्तानपुर, मुसाफिरखाना, बाजारशुकुल, जगदीशपुर, जामों और शिवगढ़ की लखनऊ, गौरीगंज, जायस और फुरसतगंज की महिलाएं रायबरेली एम्स जाती हैं। जिला मुख्यालय पर महिला अस्पताल खुलता है तो आधी आबादी को काफी सहूलियत मिलेगी।
सी-मार्ट से बदलेगी आर्थिक दशा
जिले में अभी 18 हजार लखपति दीदी हैं। आम बजट में लखपति दीदी योजना को और विस्तार देने की घोषणा की गई है।
लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत अब महिलाओं को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उनके उत्पादों को बेचने के लिए रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे। इससे महिलाओं को बाजार से जोड़ने, स्थायी आय के साधन बनाने और उद्यमिता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। सरकार का यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए नए अवसर खोलेगा। सी-मार्ट के लिए वे कम ब्याज पर लोन भी ले सकती हैं।
