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Amroha News: ऑनलाइन गेम के जरिए रेलवे ठेकेदार से 90 लाख ठगी में प्राथमिकी दर्ज
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अमरोहा। रेलवे ठेकेदार से ऑनलाइन एविएटर प्लेन गेम के जरिए करीब 90 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में ठगी का नेटवर्क असम, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और बिहार तक फैला मिला है। पुलिस ने अब तक 40 से अधिक बैंक खातों में होने वाले लेनदेन पर रोक लगा दी है।
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव मोहरा पट्टी निवासी कामिल अली के पिता अश्क अली रेलवे विभाग में ट्रैकमैन थे। करीब आठ वर्ष पहले उनके निधन के बाद कामिल अली ने रेलवे विभाग में ठेकेदारी शुरू की। करीब डेढ़ वर्ष पहले चंडीगढ़ में रेलवे साइट पर कार्य के दौरान एक युवक ने उनके मोबाइल में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर आईडी बनाकर एविएटर गेम लॉगिन करा दिया।
कामिल के अनुसार शुरुआत में उन्होंने दो हजार रुपये लगाए, लेकिन रकम हारने के बाद लगातार पैसे लगाते गए। आरोप है कि गेम संचालकों ने करीब 13 लाख रुपये वाली एक आईडी ब्लॉक कर दी और फिर नई आईडी बनवाकर दोबारा गेम खिलाया। हारी हुई रकम वापस पाने की उम्मीद में उन्होंने गूगल पे के माध्यम से 20 से अधिक लोगों के खातों में 500 से ज्यादा ट्रांजेक्शन किए। इस दौरान संचालक व्हाट्सएप पर लगातार संपर्क में रहे। कामिल के पास चैट और लेनदेन के रिकॉर्ड सुरक्षित हैं।
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रुपयों की व्यवस्था के लिए कामिल अली को अपनी चार बीघा पैतृक जमीन और दो दुकानें गिरवी रखनी पड़ीं। पीड़ित ने एसपी लखन सिंह यादव से शिकायत की थी, जिसके बाद साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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गजरौला थाना क्षेत्र के गांव मोहरा पट्टी निवासी कामिल अली के पिता अश्क अली रेलवे विभाग में ट्रैकमैन थे। करीब आठ वर्ष पहले उनके निधन के बाद कामिल अली ने रेलवे विभाग में ठेकेदारी शुरू की। करीब डेढ़ वर्ष पहले चंडीगढ़ में रेलवे साइट पर कार्य के दौरान एक युवक ने उनके मोबाइल में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर आईडी बनाकर एविएटर गेम लॉगिन करा दिया।
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कामिल के अनुसार शुरुआत में उन्होंने दो हजार रुपये लगाए, लेकिन रकम हारने के बाद लगातार पैसे लगाते गए। आरोप है कि गेम संचालकों ने करीब 13 लाख रुपये वाली एक आईडी ब्लॉक कर दी और फिर नई आईडी बनवाकर दोबारा गेम खिलाया। हारी हुई रकम वापस पाने की उम्मीद में उन्होंने गूगल पे के माध्यम से 20 से अधिक लोगों के खातों में 500 से ज्यादा ट्रांजेक्शन किए। इस दौरान संचालक व्हाट्सएप पर लगातार संपर्क में रहे। कामिल के पास चैट और लेनदेन के रिकॉर्ड सुरक्षित हैं।
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रुपयों की व्यवस्था के लिए कामिल अली को अपनी चार बीघा पैतृक जमीन और दो दुकानें गिरवी रखनी पड़ीं। पीड़ित ने एसपी लखन सिंह यादव से शिकायत की थी, जिसके बाद साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।