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Auraiya News: गणित और जीएस में उलझे अभ्यर्थी, कई पूरा नहीं कर पाए पेपर
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:36 PM IST
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फोटो-37-अभिजीत। संवाद
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औरैया। दरोगा भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन अभ्यर्थी गणित, सामान्य अध्ययन (जीएस) और ट्रिकी सवालों में उलझे रहे। इससे कई अभ्यर्थी समय से पूरा पेपर हल नहीं कर पाए। दूसरे दिन भी उन्हीं आठ केंद्रों पर परीक्षा हुई। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की बायोमीट्रिक जांच की गई।
शहर व दिबियापुर, अजीतमल के आठ केंद्रों पर रविवार को दो पालियों में परीक्षा थी। सुबह से ही दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए परीक्षार्थी केंद्रों के बाहर दिखने लगे। उनके साथ आए लोग भी केंद्र के आसपास रहे। तय समय पर सभी की तलाशी के बाद उनका बायोमीट्रिक हुआ। इसके बाद साथ लाए सामान को जांच के बाद एक कमरे में रखा दिया गया। सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
इधर, 10 बजे परीक्षा शुरू होते ही डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और एसपी अभिषेक भारती ने केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अलावा एसपी द्वारा लगाई गई गोपनीय टीम ने भी आसपास नजर रखी। उधर, परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर समय कम पड़ने का मलाल साफ नजर आया। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रत्येक सवाल के लिए औसतन 45 सेकंड का ही समय उपलब्ध था।
जीएस और गणित के कुछ कठिन सवालों को हल करने में इतना समय निकल गया कि अन्य काफी सवाल रह गए। उधर, परीक्षा छूटने के बाद अलग-अलग रूटों पर लगाई गईं बसों से परीक्षार्थी अपने-अपने घर के लिए निकल गए। वहीं, काफी संख्या में ऐसे भी लोग थे, जो निजी वाहन से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। दो दिन चली परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली।
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पानी की बोतलें भी बाहर रखवाईं
परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए केंद्र पर पहुंचीं महिला अभ्यर्थियों के बालों के रिबन, चूड़ियां व क्लेचर बाहर उतारने पड़े। बिना बायोमीट्रिक सत्यापन और पहचान की पुष्टि के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया। यहां तक कि पानी की बोतलें भी अंदर ले जाने पर पाबंदी रही।
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बोले अभ्यर्थी, तार्किक प्रश्नों ने उलझाया
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समय बर्बाद हुआ
ओवरऑल प्रश्न पत्र ठीक था। तार्किक प्रश्नों ने काफी देर उलझा दिया, जिससे समय काफी बर्बाद हुआ। हालांकि सभी प्रश्न हल कर दिए थे।
- अभिजीत, गौतम बुद्ध नगर
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प्रश्न कठिन थे
प्रश्न पत्र को हल करने में कोई दिक्कत नहीं आई, लेकिन सामान्य अध्ययन के प्रश्न कठिन थे, जिसे हल करने में समय लगा।
- नाहर सिंह, आगरा
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हिंदी के प्रश्न उलझाऊ थे
प्रश्न पत्र में बड़े सवाल काफी थे, जिन्हें समझने में समय ज्यादा लग गया। हिंदी के सवाल भी काफी घुमावदार थे। इसमें काफी समय लगा।
- अभिषेक, आगरा
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गणित ने परेशान किया
पहली बार दरोगा भर्ती परीक्षा दी है। गणित के प्रश्नों ने काफी परेशान किया। अन्य विषयों के सवालों को हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा।
- देवेश कुमार, फिरोजाबाद
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नींद ने तोड़ा खाकी पहनने का सपना, पेपर बिगड़ा तो पुलिस से लिपटकर रोई परीक्षार्थी
औरैया। शहर स्थित विशंभर सिंह इंटर कॉलेज में रविवार को दरोगा भर्ती परीक्षा के दौरान मायूसी की दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। अनुशासन और वक्त की पाबंदी के बीच एक छात्रा के सो जाने से उसकी परीक्षा छूट गई। वहीं, एक का पेपर बिगड़ा तो वह पुलिस से लिपटकर रो पड़ी।
दरअसल, आगरा से आई एक परीक्षार्थी सुबह 7 बजे ही केंद्र पहुंच गई थी। प्रवेश में समय देख वह पास के होटल में आराम करने चली गई, लेकिन वहां उसकी आंख लग गई। जब वह 10 बजे सोकर उठी और बदहवास होकर केंद्र पहुंची, तो नियमों की दीवार ने उसे भीतर नहीं जाने दिया। घंटों की मिन्नतों के बाद भी उसे बैरंग लौटना पड़ा।
वहीं, परीक्षा देकर बाहर निकली एक अन्य छात्रा पेपर खराब होने के कारण अपना धैर्य खो बैठी। वह गेट पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगी। ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसे ढांढस बंधाते हुए शांत कराया।
रात तक स्टैंड पर बस का इंतजार करते रहे परीक्षार्थी
औरैया। दरोगा भर्ती की दूसरी पाली की परीक्षा भले ही 5 बजे खत्म हो गई, लेकिन रोडवेज स्टैंड पर रात तक परीक्षार्थी दिखाई देते रहे। दरअसल, परीक्षा को देखते हुए कोई अलग से बस नहीं चली, इस कारण सवारी भरने के बाद ही बसें रवाना हुईं। इससे परीक्षार्थियों को परेशानी हुई। (संवाद)
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शहर व दिबियापुर, अजीतमल के आठ केंद्रों पर रविवार को दो पालियों में परीक्षा थी। सुबह से ही दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए परीक्षार्थी केंद्रों के बाहर दिखने लगे। उनके साथ आए लोग भी केंद्र के आसपास रहे। तय समय पर सभी की तलाशी के बाद उनका बायोमीट्रिक हुआ। इसके बाद साथ लाए सामान को जांच के बाद एक कमरे में रखा दिया गया। सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
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इधर, 10 बजे परीक्षा शुरू होते ही डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और एसपी अभिषेक भारती ने केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अलावा एसपी द्वारा लगाई गई गोपनीय टीम ने भी आसपास नजर रखी। उधर, परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर समय कम पड़ने का मलाल साफ नजर आया। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रत्येक सवाल के लिए औसतन 45 सेकंड का ही समय उपलब्ध था।
जीएस और गणित के कुछ कठिन सवालों को हल करने में इतना समय निकल गया कि अन्य काफी सवाल रह गए। उधर, परीक्षा छूटने के बाद अलग-अलग रूटों पर लगाई गईं बसों से परीक्षार्थी अपने-अपने घर के लिए निकल गए। वहीं, काफी संख्या में ऐसे भी लोग थे, जो निजी वाहन से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। दो दिन चली परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली।
पानी की बोतलें भी बाहर रखवाईं
परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए केंद्र पर पहुंचीं महिला अभ्यर्थियों के बालों के रिबन, चूड़ियां व क्लेचर बाहर उतारने पड़े। बिना बायोमीट्रिक सत्यापन और पहचान की पुष्टि के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया। यहां तक कि पानी की बोतलें भी अंदर ले जाने पर पाबंदी रही।
बोले अभ्यर्थी, तार्किक प्रश्नों ने उलझाया
समय बर्बाद हुआ
ओवरऑल प्रश्न पत्र ठीक था। तार्किक प्रश्नों ने काफी देर उलझा दिया, जिससे समय काफी बर्बाद हुआ। हालांकि सभी प्रश्न हल कर दिए थे।
- अभिजीत, गौतम बुद्ध नगर
प्रश्न कठिन थे
प्रश्न पत्र को हल करने में कोई दिक्कत नहीं आई, लेकिन सामान्य अध्ययन के प्रश्न कठिन थे, जिसे हल करने में समय लगा।
- नाहर सिंह, आगरा
हिंदी के प्रश्न उलझाऊ थे
प्रश्न पत्र में बड़े सवाल काफी थे, जिन्हें समझने में समय ज्यादा लग गया। हिंदी के सवाल भी काफी घुमावदार थे। इसमें काफी समय लगा।
- अभिषेक, आगरा
गणित ने परेशान किया
पहली बार दरोगा भर्ती परीक्षा दी है। गणित के प्रश्नों ने काफी परेशान किया। अन्य विषयों के सवालों को हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा।
- देवेश कुमार, फिरोजाबाद
नींद ने तोड़ा खाकी पहनने का सपना, पेपर बिगड़ा तो पुलिस से लिपटकर रोई परीक्षार्थी
औरैया। शहर स्थित विशंभर सिंह इंटर कॉलेज में रविवार को दरोगा भर्ती परीक्षा के दौरान मायूसी की दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। अनुशासन और वक्त की पाबंदी के बीच एक छात्रा के सो जाने से उसकी परीक्षा छूट गई। वहीं, एक का पेपर बिगड़ा तो वह पुलिस से लिपटकर रो पड़ी।
दरअसल, आगरा से आई एक परीक्षार्थी सुबह 7 बजे ही केंद्र पहुंच गई थी। प्रवेश में समय देख वह पास के होटल में आराम करने चली गई, लेकिन वहां उसकी आंख लग गई। जब वह 10 बजे सोकर उठी और बदहवास होकर केंद्र पहुंची, तो नियमों की दीवार ने उसे भीतर नहीं जाने दिया। घंटों की मिन्नतों के बाद भी उसे बैरंग लौटना पड़ा।
वहीं, परीक्षा देकर बाहर निकली एक अन्य छात्रा पेपर खराब होने के कारण अपना धैर्य खो बैठी। वह गेट पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगी। ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसे ढांढस बंधाते हुए शांत कराया।
रात तक स्टैंड पर बस का इंतजार करते रहे परीक्षार्थी
औरैया। दरोगा भर्ती की दूसरी पाली की परीक्षा भले ही 5 बजे खत्म हो गई, लेकिन रोडवेज स्टैंड पर रात तक परीक्षार्थी दिखाई देते रहे। दरअसल, परीक्षा को देखते हुए कोई अलग से बस नहीं चली, इस कारण सवारी भरने के बाद ही बसें रवाना हुईं। इससे परीक्षार्थियों को परेशानी हुई। (संवाद)

फोटो-37-अभिजीत। संवाद

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