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Auraiya News: जीवित युवक को मृत बताकर अंतिम संस्कार कराने में भाई समेत तीन पर प्राथमिकी
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- पुलिस को गुमराह कर झूठी शिनाख्त करने के आरोप में शिकंजा
- घटनास्थल से बिना सिम का क्षतिग्रस्त मोबाइल हुआ था बरामद
-ध्वस्त होटल से मिले शव का रहस्य सुलझाने में लगी पुलिस टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। कानपुर-इटावा हाईवे पर मिले अज्ञात शव को अपना परिजन बताकर अंतिम संस्कार कराने के मामले में पुलिस ने भाई समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, पुलिस दोबारा घटनास्थल पर पहुंची, जहां से बिना सिम का एक क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन व कपड़े बरामद हुए थे। पुलिस अब अज्ञात शव की पहचान करने में उलझी है।
कानपुर-इटावा हाईवे पर मुरादगंज के पास एक ध्वस्त होटल में पुलिस को एक लावारिस शव मिला था। गांव सैदपुर निवासी दशरथ ने शव की पहचान भाई कमल के रूप में की थी, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया था और उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया था। मामला तब पलटा जब 25 जुलाई को पुलिस पूछताछ में कमल की पत्नी सुनीता के मोबाइल से हुई बातचीत के जरिए खुलासा हुआ कि कमल जिंदा है और इटावा में ही रह रहा है। इसके बाद कमल के खुद गांव लौटने पर पूरे फर्जीवाड़े की पोल खुल गई।
पूछताछ में सुनीता ने बताया कि उसका पति डेढ़ साल पहले घर छोड़कर चला गया था और वह नोएडा में मजदूरी कर बच्चों का पेट पाल रही थी। पति की मौत की खबर पर जब वह गांव पहुंची तो उसे अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए। इसके बाद जब उसने कुछ अनजान नंबरों पर संपर्क किया तो कमल से सीधी बात हो गई।
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पुलिस को गुमराह कर किसी दूसरे व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार कराने की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कमल के भाई दशरथ व गांव केशव दास का पुरवा निवासी ब्रजभान सिंह, राजेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
26 जुलाई को पुलिस टीम एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंची। मौके से पुलिस को बिना सिम कार्ड का एक स्विच ऑफ व क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और कुछ कपड़े मिले हैं। कोतवाल विनोद कुमार ने बताया कि अटसू चौकी प्रभारी अभय प्रताप सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज जांच शुरू कर दी है।
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- पुलिस को गुमराह कर झूठी शिनाख्त करने के आरोप में शिकंजा
- घटनास्थल से बिना सिम का क्षतिग्रस्त मोबाइल हुआ था बरामद
-ध्वस्त होटल से मिले शव का रहस्य सुलझाने में लगी पुलिस टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। कानपुर-इटावा हाईवे पर मिले अज्ञात शव को अपना परिजन बताकर अंतिम संस्कार कराने के मामले में पुलिस ने भाई समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, पुलिस दोबारा घटनास्थल पर पहुंची, जहां से बिना सिम का एक क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन व कपड़े बरामद हुए थे। पुलिस अब अज्ञात शव की पहचान करने में उलझी है।
कानपुर-इटावा हाईवे पर मुरादगंज के पास एक ध्वस्त होटल में पुलिस को एक लावारिस शव मिला था। गांव सैदपुर निवासी दशरथ ने शव की पहचान भाई कमल के रूप में की थी, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया था और उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया था। मामला तब पलटा जब 25 जुलाई को पुलिस पूछताछ में कमल की पत्नी सुनीता के मोबाइल से हुई बातचीत के जरिए खुलासा हुआ कि कमल जिंदा है और इटावा में ही रह रहा है। इसके बाद कमल के खुद गांव लौटने पर पूरे फर्जीवाड़े की पोल खुल गई।
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पूछताछ में सुनीता ने बताया कि उसका पति डेढ़ साल पहले घर छोड़कर चला गया था और वह नोएडा में मजदूरी कर बच्चों का पेट पाल रही थी। पति की मौत की खबर पर जब वह गांव पहुंची तो उसे अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए। इसके बाद जब उसने कुछ अनजान नंबरों पर संपर्क किया तो कमल से सीधी बात हो गई।
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पुलिस को गुमराह कर किसी दूसरे व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार कराने की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कमल के भाई दशरथ व गांव केशव दास का पुरवा निवासी ब्रजभान सिंह, राजेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
26 जुलाई को पुलिस टीम एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंची। मौके से पुलिस को बिना सिम कार्ड का एक स्विच ऑफ व क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और कुछ कपड़े मिले हैं। कोतवाल विनोद कुमार ने बताया कि अटसू चौकी प्रभारी अभय प्रताप सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज जांच शुरू कर दी है।