{"_id":"6a67ab850ebb3491cb02aa88","slug":"one-gets-life-imprisonment-in-20-year-old-robbery-murder-case-auraiya-news-c-211-1-aur1009-148832-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: 20 साल पुराने डकैती-हत्या मामले में एक को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: 20 साल पुराने डकैती-हत्या मामले में एक को उम्रकैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। विशेष न्यायाधीश महेश कुमार ने अजीतमल कोतवाली के बीस साल पुराने डकैती व हत्या के मामले में फैसला सुनाया। सोमवार को कोर्ट ने आरोपी अनिल शिवहरे को दोषी करार दिया। उसे उम्रकैद की सजा के साथ 2.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 14 मई 2006 की शाम करीब सात बजे हुई थी। बाबरपुर निवासी राजेश कुमार पोरवाल अपनी सर्राफा दुकान बंद कर भाई अवधेश के साथ स्कूटर से घर जा रहे थे। घर पहुंचते ही एक बाइक पर सवार तीन बदमाश वहां रुके। बदमाशों ने उनके जेवर और 30 हजार रुपये रखे थैले को छीनने का प्रयास किया। राजेश के विरोध करने पर एक बदमाश ने जान से मारने की नीयत से उन पर गोली चला दी। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। इस पर दो बदमाशों ने तमंचे से फायरिंग की। गोली लगने से पड़ोसी मुमताज के रिश्तेदार की बेटी रबीना गंभीर रूप से घायल हो गई। बाद में उसकी मौत हो गई।
थैला छीनने के दौरान राजेश और अवधेश भी घायल हुए। घायल भाइयों और लोगों की मदद से अनिल शिवहरे को तमंचे के साथ मौके पर ही पकड़ा गया। अन्य दो बदमाश जेवर व नकदी लेकर भाग गए। अनिल ने पूछताछ में भागे बदमाशों के नाम मोनू और पूरन बताए। पुलिस ने तीनों के खिलाफ डकैती व हत्या के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया था।
विज्ञापन
सोमवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के लिए कठोर दंड की पैरवी की। बचाव पक्ष ने अनिल के पैर में फैक्चर का हवाला देकर रहम की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अनिल शिवहरे को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को पांच वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जमा कराए गए अर्थदंड की आधी धनराशि रबीना के परिजन को देने का भी आदेश दिया गया।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 14 मई 2006 की शाम करीब सात बजे हुई थी। बाबरपुर निवासी राजेश कुमार पोरवाल अपनी सर्राफा दुकान बंद कर भाई अवधेश के साथ स्कूटर से घर जा रहे थे। घर पहुंचते ही एक बाइक पर सवार तीन बदमाश वहां रुके। बदमाशों ने उनके जेवर और 30 हजार रुपये रखे थैले को छीनने का प्रयास किया। राजेश के विरोध करने पर एक बदमाश ने जान से मारने की नीयत से उन पर गोली चला दी। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। इस पर दो बदमाशों ने तमंचे से फायरिंग की। गोली लगने से पड़ोसी मुमताज के रिश्तेदार की बेटी रबीना गंभीर रूप से घायल हो गई। बाद में उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
थैला छीनने के दौरान राजेश और अवधेश भी घायल हुए। घायल भाइयों और लोगों की मदद से अनिल शिवहरे को तमंचे के साथ मौके पर ही पकड़ा गया। अन्य दो बदमाश जेवर व नकदी लेकर भाग गए। अनिल ने पूछताछ में भागे बदमाशों के नाम मोनू और पूरन बताए। पुलिस ने तीनों के खिलाफ डकैती व हत्या के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया था।
विज्ञापन
सोमवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के लिए कठोर दंड की पैरवी की। बचाव पक्ष ने अनिल के पैर में फैक्चर का हवाला देकर रहम की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अनिल शिवहरे को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को पांच वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जमा कराए गए अर्थदंड की आधी धनराशि रबीना के परिजन को देने का भी आदेश दिया गया।