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Auraiya News: परिषदीय स्कूलों में जल्द होगा शिक्षकों का समायोजन
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 13 May 2026 12:03 AM IST
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औरैया। परिषदीय स्कूलों में अब न्यूनतम दो शिक्षक अनिवार्य रूप से तैनात होंगे। इसके लिए जिस स्कूल में ज्यादा शिक्षक होंगे, उनका समायोजन किया जाएगा।
ऐसे शिक्षक दूसरे स्कूल में स्थानांतरित किए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर समिति का गठन किया गया है। इन शिक्षकों के समायोजन के बाद जिले में एकल स्कूलों की समस्या दूर हो जाएगी।
जनपद में 1265 स्कूलों का संचालन हो रहा है। इन स्कूलों में 810 प्राथमिक, 206 उच्च प्राथमिक और 249 कंपोजिट स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में तकरीबन एक लाख के करीब बच्चों का पठन-पाठन चल रहा है। काफी समय से समायोजन न होने से स्कूलों में शिक्षकों का अनुपात बिगड़ चुका है।
पिछले शिक्षण सत्र में स्कूलों के हुए युग्मन के बाद छात्र-शिक्षक अनुपात में काफी कुछ सुधार आया था लेकिन गैर जनपद स्थानांतरण और सेवानिवृत्त होने से कई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम हो गई। वहीं कई ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों की संख्या कम है तो शिक्षकों की संख्या अधिक है।
खास तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग के लिए 34 एकल स्कूल कड़ी चुनौती बने हुए हैं। जहां पर शिक्षक के अवकाश पर जाने की स्थिति में स्कूलों में ताला लग जाता है। अब शासन स्तर से जारी हुए निर्देश के बाद जिले के अंदर समायोजन होने से जहां एकल और दो शिक्षकों के भरोसे चलने वाले स्कूलों में नए शिक्षक मिल जाएंगे। वहीं छात्र-शिक्षक अनुपात भी बेहतर हो जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को सही करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारा जा सके। महिला शिक्षकों को राहत मिलेगी और उन्हें दूसरे ब्लॉक में नहीं भेजा जाएगा।
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यह है मानक
प्राथमिक विद्यालय में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 बच्चों पर दो शिक्षक, 60 बच्चों पर तीन शिक्षक, 75 बच्चों पर चार शिक्षक और 90 बच्चों पर पांच शिक्षक होने चाहिए। यह मानक ज्यादातर प्राइमरी विद्यालयों में नहीं है। मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का विवरण शुद्ध करने के आदेश दिए है। जिला स्तरीय कमेटी की देखरेख में शुरू हुए इस शिक्षक समायोजन से काफी कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।
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स्कूल में एक ही शिक्षिका
एरवाकटरा ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय रमपुरा एकल है। यहां पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक के तौर पर सपना गुप्ता की तैनाती है। उन्होंने बताया कि किसी वजह से छुट्टी लेने पर स्कूल को बंद करने की नौबत आ जाती है। समायोजन से संकट दूर हो जाएगा।
काफी राहत मिलेगी
एरवाकटरा ब्लॉक के बरौनाकलां में प्राथमिक स्कूल विक्रमपुर एकल स्कूल है। यहां पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक दुर्गेश मिश्रा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्कूल में दो शिक्षकों की अनिवार्यता से काफी राहत मिलेगी। बच्चों का पठन-पाठन और बेहतर हो जाएगा।
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प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम दो शिक्षकों की तैनाती को अनिवार्य किया जाएगा। जिले में अब एक भी एकल स्कूल नहीं रहेगा। इसके लिए शिक्षक समायोजन के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई है।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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ऐसे शिक्षक दूसरे स्कूल में स्थानांतरित किए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर समिति का गठन किया गया है। इन शिक्षकों के समायोजन के बाद जिले में एकल स्कूलों की समस्या दूर हो जाएगी।
जनपद में 1265 स्कूलों का संचालन हो रहा है। इन स्कूलों में 810 प्राथमिक, 206 उच्च प्राथमिक और 249 कंपोजिट स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में तकरीबन एक लाख के करीब बच्चों का पठन-पाठन चल रहा है। काफी समय से समायोजन न होने से स्कूलों में शिक्षकों का अनुपात बिगड़ चुका है।
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पिछले शिक्षण सत्र में स्कूलों के हुए युग्मन के बाद छात्र-शिक्षक अनुपात में काफी कुछ सुधार आया था लेकिन गैर जनपद स्थानांतरण और सेवानिवृत्त होने से कई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम हो गई। वहीं कई ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों की संख्या कम है तो शिक्षकों की संख्या अधिक है।
खास तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग के लिए 34 एकल स्कूल कड़ी चुनौती बने हुए हैं। जहां पर शिक्षक के अवकाश पर जाने की स्थिति में स्कूलों में ताला लग जाता है। अब शासन स्तर से जारी हुए निर्देश के बाद जिले के अंदर समायोजन होने से जहां एकल और दो शिक्षकों के भरोसे चलने वाले स्कूलों में नए शिक्षक मिल जाएंगे। वहीं छात्र-शिक्षक अनुपात भी बेहतर हो जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को सही करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारा जा सके। महिला शिक्षकों को राहत मिलेगी और उन्हें दूसरे ब्लॉक में नहीं भेजा जाएगा।
यह है मानक
प्राथमिक विद्यालय में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 बच्चों पर दो शिक्षक, 60 बच्चों पर तीन शिक्षक, 75 बच्चों पर चार शिक्षक और 90 बच्चों पर पांच शिक्षक होने चाहिए। यह मानक ज्यादातर प्राइमरी विद्यालयों में नहीं है। मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का विवरण शुद्ध करने के आदेश दिए है। जिला स्तरीय कमेटी की देखरेख में शुरू हुए इस शिक्षक समायोजन से काफी कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।
स्कूल में एक ही शिक्षिका
एरवाकटरा ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय रमपुरा एकल है। यहां पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक के तौर पर सपना गुप्ता की तैनाती है। उन्होंने बताया कि किसी वजह से छुट्टी लेने पर स्कूल को बंद करने की नौबत आ जाती है। समायोजन से संकट दूर हो जाएगा।
काफी राहत मिलेगी
एरवाकटरा ब्लॉक के बरौनाकलां में प्राथमिक स्कूल विक्रमपुर एकल स्कूल है। यहां पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक दुर्गेश मिश्रा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्कूल में दो शिक्षकों की अनिवार्यता से काफी राहत मिलेगी। बच्चों का पठन-पाठन और बेहतर हो जाएगा।
प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम दो शिक्षकों की तैनाती को अनिवार्य किया जाएगा। जिले में अब एक भी एकल स्कूल नहीं रहेगा। इसके लिए शिक्षक समायोजन के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई है।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी