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Auraiya News: पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर कसता जा रहा शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 26 Apr 2026 11:59 PM IST
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फोटो-40-कमलेश पाठक। संवाद आर्काइव
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औरैया। जिले की राजनीति में अपना रसूख रखने वाले पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।
शनिवार को आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वहीं दूसरी तरफ पुलिस अन्य मामलों में भी विवेचना कर जल्द आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी में है।
वर्ष 2020 में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद से ही सपा के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक अपने भाइयों समेत जेल में हैं। साढ़े पांच साल से अधिक समय से जेल में रहने के बाद 24 मार्च 2026 को ही न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट में उन्हें छह साल की व अन्य आरोपियों को पांच साल की सजा सुनाई थी। ऐसे में माना जा रहा था कि उनकी रिहाई जल्द हो सकती है।
वहीं दूसरी तरफ दोहरे हत्याकांड की भी सुनवाई प्रतिदिन की जा रही है। ऐसे में माना जा रहा था कि सजा पूरी होने से पहले ही इस मामले में भी फैसला आ जाएगा। उधर, प्रशासन पूर्व एमएलसी पर शिकंजा कसता ही जा रहा है। अभी गैंगस्टर एक्ट में मिली सजा पूरी भी नहीं हुई है, कि पुलिस ने कमलेश पाठक पर दोबारा गैंगस्टर की कार्रवाई इसी माह कर दी थी। यह कार्रवाई जनवरी 2026 में बटन कारोबारी द्वारा दर्ज कराई रंगदारी वसूलने की प्राथमिकी को लेकर की गई है।
दूसरी तरफ अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी प्राथमिकी दर्ज हो गई है। ऐसे में उनकी रिहाई की राह बहुत मुश्किल होती जा रही है। लोगों की नजर वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर टिकी है। दरअसल, कमलेश पाठक अपने राजनीतिक रसूख के बल पर जिले के साथ ही आसपास की सीटों को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में वह जेल से बाहर आ पाते हैं या नहीं, यह काफी अहम होगा लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार यह संभव होता नजर नहीं आ रहा है। (संवाद)
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शनिवार को आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वहीं दूसरी तरफ पुलिस अन्य मामलों में भी विवेचना कर जल्द आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी में है।
वर्ष 2020 में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद से ही सपा के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक अपने भाइयों समेत जेल में हैं। साढ़े पांच साल से अधिक समय से जेल में रहने के बाद 24 मार्च 2026 को ही न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट में उन्हें छह साल की व अन्य आरोपियों को पांच साल की सजा सुनाई थी। ऐसे में माना जा रहा था कि उनकी रिहाई जल्द हो सकती है।
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वहीं दूसरी तरफ दोहरे हत्याकांड की भी सुनवाई प्रतिदिन की जा रही है। ऐसे में माना जा रहा था कि सजा पूरी होने से पहले ही इस मामले में भी फैसला आ जाएगा। उधर, प्रशासन पूर्व एमएलसी पर शिकंजा कसता ही जा रहा है। अभी गैंगस्टर एक्ट में मिली सजा पूरी भी नहीं हुई है, कि पुलिस ने कमलेश पाठक पर दोबारा गैंगस्टर की कार्रवाई इसी माह कर दी थी। यह कार्रवाई जनवरी 2026 में बटन कारोबारी द्वारा दर्ज कराई रंगदारी वसूलने की प्राथमिकी को लेकर की गई है।
दूसरी तरफ अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी प्राथमिकी दर्ज हो गई है। ऐसे में उनकी रिहाई की राह बहुत मुश्किल होती जा रही है। लोगों की नजर वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर टिकी है। दरअसल, कमलेश पाठक अपने राजनीतिक रसूख के बल पर जिले के साथ ही आसपास की सीटों को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में वह जेल से बाहर आ पाते हैं या नहीं, यह काफी अहम होगा लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार यह संभव होता नजर नहीं आ रहा है। (संवाद)

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