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Auraiya News: अजीतमल, अयाना और सहार सीएचसी के डॉक्टरों के भरोसे शुरू होगा ट्रॉमा सेंटर

संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 16 Feb 2026 12:28 AM IST
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The trauma center will be started with the help of doctors from Ajitmal, Ayana and Sahar CHC.
फोटो-44-ट्रॉमा सेंटर का छह बेड का वॉर्ड। संवाद
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औरैया। जिले में सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर इलाज देने के लिए बनाए गए ट्रॉमा सेंटर को पांच साल बाद शुरू कराने के लिए कवायद तेज हो गई है, पर इसकी नींव अजीतमल, अयाना और सहार सीएचसी के डॉक्टरों भरोसे रखी जा रही है।
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ऐसे में सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होने की आशंका बढ़ गई है। उधर, जिले से भेजी गई डॉक्टरों की डिमांड पर कोई जवाब अभी तक नहीं आया है।
जिले में सड़क हादसों में घायल मरीजों को अब तक सैफई रेफर किया जाता रहा है। समय पर एंबुलेंस और इलाज न मिलने से कई बार रास्ते में ही जान चली जाती है। इसी पीड़ा को खत्म करने के लिए सरकार ने 2019 में औरैया को ट्रॉमा सेंटर की सौगात दी। भगौतीपुर में हाईवे किनारे 2.64 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक भवन भी बन गया और छह नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका वर्चुअल लोकार्पण भी कर दिया।
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पांच साल बीतने के बाद भी ट्रॉमा सेंटर सिर्फ एक इमारत बनकर रह गया। अब जब इसे शुरू करने की कवायद तेज हुई है, तो इसकी बुनियाद ही सीएचसी से डॉक्टर खींचकर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने ट्रॉमा सेंटर के लिए स्वीकृत 50 पदों पर स्थायी नियुक्ति करने के बजाय जिले के तीन प्रमुख सीएचसी अजीतमल, अयाना और सहार से यहां डॉक्टरों को शिफ्ट कर नई व्यवस्था बना दी है। इसका सीधा असर अब उन हजारों मरीजों पर पड़ेगा जो रोजाना इलाज के लिए इन सीएचसी पर निर्भर हैं।
अजीतमल सीएचसी में रोजाना 250 से अधिक मरीज पहुंचते हैं, वहां से पहले एक डॉक्टर को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था, अब दो और की नियुक्ति ट्रॉमा सेंटर में कर दी है। अब यहां सात की जगह सिर्फ चार डॉक्टर रहेंगे। अयाना सीएचसी में प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज आते हैं, वहां भी एक डॉक्टर की कटौती कर दी गई है। सहार सीएचसी से भी एक डॉक्टर हटाया गया है, जिससे वहां अब केवल तीन चिकित्सकों के भरोसे 150 से अधिक मरीजों का इलाज होगा।
पहले से ही संसाधनों की कमी, लंबी कतारें और सीमित स्टाफ से जूझ रहे सीएचसी पर अब मरीजों का दबाव और बढ़ेगा। आशंका है कि इलाज में देरी, रेफर की संख्या और मरीजों की परेशानी में इजाफा होगा।
जिले से 40 डॉक्टरों की डिमांड शासन को भेजी गई थी, पर मिला एक भी नहीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खुद मान रहे हैं कि इससे सीएचसी की व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, पर ट्रॉमा सेंटर भी संचालित करना आवश्यक है।
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