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Azamgarh News: मलयेशिया के नागरिक ने फर्जी दस्तावेज के सहारे लिया सरकारी योजनाओं का लाभ, 2.33 लाख रुपये जब्त
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आजमगढ़। मलयेशिया की नागरिकता और पासपोर्ट होने के बावजूद खुद को भारतीय नागरिक बताकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले आरोपी की 2,33,465 रुपये की अवैध धनराशि न्यायालय के आदेश पर जब्त कर ली गई है। यह कार्रवाई थाना निजामाबाद पुलिस ने की है।
थाना प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि सुराई गांव निवासी मो. कुद्दूस उर्फ कुद्दूस ने मलेशिया की नागरिकता प्राप्त करने के बाद भी भारत में अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा रखा था।
आरोपी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वयं को भारतीय नागरिक दर्शाकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहा था। जांच के बाद निजामाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने आरोपी को 25 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।
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विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष सहित अन्य सरकारी योजनाओं से अवैध रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त किया। जांच में उसके बैंक खाते में मौजूद 2,33,465 रुपये को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए फ्रीज कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सदर की संस्तुति के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-10, आजमगढ़ में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने 24 जून को उक्त धनराशि के अधिग्रहण का आदेश दिया। जब्त धनराशि संबंधित सरकारी योजनाओं के खाते में जमा कराई जाएगी।
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थाना प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि सुराई गांव निवासी मो. कुद्दूस उर्फ कुद्दूस ने मलेशिया की नागरिकता प्राप्त करने के बाद भी भारत में अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा रखा था।
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आरोपी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वयं को भारतीय नागरिक दर्शाकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहा था। जांच के बाद निजामाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने आरोपी को 25 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।
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विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष सहित अन्य सरकारी योजनाओं से अवैध रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त किया। जांच में उसके बैंक खाते में मौजूद 2,33,465 रुपये को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए फ्रीज कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सदर की संस्तुति के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-10, आजमगढ़ में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने 24 जून को उक्त धनराशि के अधिग्रहण का आदेश दिया। जब्त धनराशि संबंधित सरकारी योजनाओं के खाते में जमा कराई जाएगी।