आजमगढ़। मुहल्लों से जल निकासी के इंतजामात में शिथिल रवैया अपनाने वाले जिला प्रशासन को चौथे दिन सोमवार को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। चार दिन से बगैर बिजली, पानी के जीवन यापन कर रहे परानापुर, मुंडा घोरठ आदि क्षेत्रों के लोग सड़क पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। डीएम के निर्देश पर पहुंचे अधिकारियों ने उनकी समस्याओं का समाधान किया।
कई गांवों के लोग सोमवार की सुबह प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी के नेतृत्व में डीएम आवास पर पहुंचे। जहां डीएम के न मिलने पर वहां मौजूद ओएसडी से उन्होंने अपनी बात कही। ओएसडी ने उनकी बातों को डीएम तक पहुंचाया। वहां से आश्वासन मिला कि आधे घंटे में एसडीएम, ईओ, सीओ मौके पर पहुंचेंगे। आश्वासन मिलने के बाद लोग डीएम आवास से लौट आए और आरटीओ के पास अधिकारियों का इंतजार करते रहे। घंटों इंतजार के बाद जब कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते धरने में भारी संख्या में लोग पहुंच गए और जिला प्रशासन के विरोध में नारा लगाने लगे। जैसे ही प्रदर्शन की जानकारी प्रशासन को हुई आनन-फानन में एसडीएम सदर, सीओ सदर, नगर पालिका ईओ समेत संबंधित थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शन कर रहे लोगों से विनती कर सड़क खाली कराते हुए समस्याओं को सुना। प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी ने बताया कि अतिक्रमण के कारण नाले जाम हैं, जलनिकासी बंद पड़ी है। जिसके कारण घरों में चार दिन से नाली का पानी तैर रहा है। खाना-पीना सब दुश्वार हो चुका है। फौरन अतिक्रमण हटवाकर साफ-सफाई कराकर जलमग्न हुए घरों को राहत दिलाई जाए। लोगों के हठी तेवर को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल नालियों के ऊपर से पटियां हटवाना शुरू कराया और जमाने से पटे नालों की सफाई के लिए जेसीबी लगवा दी। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस लिया। इस मौके पर अखिलेश मिश्र गुड्डू, धर्मवीर उपाध्याय, रितु सिंह आदि उपस्थित थे।