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Azamgarh News: उमस ने बढ़ाई परेशानी, तीन घंटे में 20 बार ट्रिप कर रही बिजली
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रूठे मानसून के कारण उमस बढ़ती जा रही है। इसका सीधा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है। चार दिनों में 74 मेगावाट बिजली की डिमांड बढ़ गई है। लोड बढ़ने से ट्रिपिंग भी शुरू हो चुकी है। उपकेंद्र मोहब्बतपुर की स्थिति बहुत खराब है। मंगलवार की सुबह छह बजे से नौ बजे के बीच 20 बार बिजली ट्रिप की।
बिजली निगम भले ही उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा करता है, लेकिन हकीकत इससे उलट है। ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी, कहीं पर भी लोगों को शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। लो वोल्टेज की समस्या अलग ही बनी हुई है।
करीब एक सप्ताह से बारिश बंद है, इसलिए उमस काफी बढ़ गई है। बीते छह अगस्त को 486 मेगावाट जिले की डिमांड थी, जो चार दिन बाद बढ़कर 560 मेगावाट पर पहुंच गई थी। हालांकि सोमवार को फिर 10 मेगावाट तक डिमांड घटी, लेकिन कटौती उसी तरह बरकरार है। सबसे खराब स्थिति मोहब्बतपुर उपकेंद्र की है।
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क्षेत्र के रहने वाले मिठाईलाल, विवेक सिंह, अमित ने बताया कि सुबह और शाम को छह बजे से नौ बजे तक बिजली काफी ज्यादा ट्रिप कर रही है। लो वोल्टेज के कारण कूलर, पंखा, सबमर्सिबल नहीं चल पा रहे हैं। लोगों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटा बिजली आपूर्ति का दावा भी फेल है। मुश्किल से 14 से 15 घंटा बिजली मिल पा रही है।
लोगों ने बताया कि भोर में पौने चार बजे ढाई घंटे की रोस्टिंग कर दी गई। इसके बाद दोपहर में करीब 12 बजे दो घंटे की रोस्टिंग हुई। अभी रोस्टिंग का समय पूरा नहीं हुआ कि फिर एक घंटे बाद बिजली आपूर्ति शुरू करने का मैसेज ग्रुप में डाल दिया गया।
यही हाल मोहम्मदपुर, सिकहला, बरदह और गोपालगंज उपकेंद्रों का है, जिसके कारण लोग उमस भरी गर्मी में परेशान हैं।
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शहर में नौ घंटे एक फेज बिजली ही नहीं
ग्रामीणों के साथ ही शहर के लोग भी सही से बिजली आपूर्ति न होने से परेशान हैं। सोमवार रात करीब 12 से एक फेज बिजली गायब हो गई। गुरुटोला, अनंतपुरा, कटरा, पुरानी सब्जी मंडी के करीब पांच हजार की आबादी उमस भरी गर्मी में बिलबिला गई। मोहल्ले के सभासद मो. अफजल, नीलू सिंह, डॉ. एहतेशाम शिब्ली, श्रवण ने बताया कि बिजली न रहने से रात भर सो नहीं पाए। सुबह पानी को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी हुई। आफिस जाने वाले लोग और स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशान होना पड़ा। लोगों ने बताया कि शहर में 24 घंटा बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन बमुश्किल 18 से 19 घंटा बिजली मिल पा रही है। बाकी की बिजली फाल्ट और रोस्टिंग की भेंट चढ़ जा रही है। संवाद
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तारीख- मांग
छह अगस्त- 486 मेगावाट
सात अगस्त- 512 मेगावाट
आठ अगस्त- 518 मेगावाट
नौ अगस्त- 560 मेगावाट
10 अगस्त- 550 मेगावाट
-- - वर्जन
जिले में शेड्यूल के अनुसार ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। फाल्ट या कोई अन्य खराबी आने पर उसे बनाने के लिए शटडाउन लिया जाता है। इसके अलावा जहां बिजली सुधार के कार्य कराए जाते हैं तो उपभोक्ताओं को इसकी सूचना दी जाती है। इमरजेंसी रोस्टिंग ट्रांसमिशन से की जाती है। -गौरव तिवारी, अधीक्षण अभियंता।
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बिजली निगम भले ही उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा करता है, लेकिन हकीकत इससे उलट है। ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी, कहीं पर भी लोगों को शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। लो वोल्टेज की समस्या अलग ही बनी हुई है।
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करीब एक सप्ताह से बारिश बंद है, इसलिए उमस काफी बढ़ गई है। बीते छह अगस्त को 486 मेगावाट जिले की डिमांड थी, जो चार दिन बाद बढ़कर 560 मेगावाट पर पहुंच गई थी। हालांकि सोमवार को फिर 10 मेगावाट तक डिमांड घटी, लेकिन कटौती उसी तरह बरकरार है। सबसे खराब स्थिति मोहब्बतपुर उपकेंद्र की है।
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क्षेत्र के रहने वाले मिठाईलाल, विवेक सिंह, अमित ने बताया कि सुबह और शाम को छह बजे से नौ बजे तक बिजली काफी ज्यादा ट्रिप कर रही है। लो वोल्टेज के कारण कूलर, पंखा, सबमर्सिबल नहीं चल पा रहे हैं। लोगों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटा बिजली आपूर्ति का दावा भी फेल है। मुश्किल से 14 से 15 घंटा बिजली मिल पा रही है।
लोगों ने बताया कि भोर में पौने चार बजे ढाई घंटे की रोस्टिंग कर दी गई। इसके बाद दोपहर में करीब 12 बजे दो घंटे की रोस्टिंग हुई। अभी रोस्टिंग का समय पूरा नहीं हुआ कि फिर एक घंटे बाद बिजली आपूर्ति शुरू करने का मैसेज ग्रुप में डाल दिया गया।
यही हाल मोहम्मदपुर, सिकहला, बरदह और गोपालगंज उपकेंद्रों का है, जिसके कारण लोग उमस भरी गर्मी में परेशान हैं।
शहर में नौ घंटे एक फेज बिजली ही नहीं
ग्रामीणों के साथ ही शहर के लोग भी सही से बिजली आपूर्ति न होने से परेशान हैं। सोमवार रात करीब 12 से एक फेज बिजली गायब हो गई। गुरुटोला, अनंतपुरा, कटरा, पुरानी सब्जी मंडी के करीब पांच हजार की आबादी उमस भरी गर्मी में बिलबिला गई। मोहल्ले के सभासद मो. अफजल, नीलू सिंह, डॉ. एहतेशाम शिब्ली, श्रवण ने बताया कि बिजली न रहने से रात भर सो नहीं पाए। सुबह पानी को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी हुई। आफिस जाने वाले लोग और स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशान होना पड़ा। लोगों ने बताया कि शहर में 24 घंटा बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन बमुश्किल 18 से 19 घंटा बिजली मिल पा रही है। बाकी की बिजली फाल्ट और रोस्टिंग की भेंट चढ़ जा रही है। संवाद
तारीख- मांग
छह अगस्त- 486 मेगावाट
सात अगस्त- 512 मेगावाट
आठ अगस्त- 518 मेगावाट
नौ अगस्त- 560 मेगावाट
10 अगस्त- 550 मेगावाट
जिले में शेड्यूल के अनुसार ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। फाल्ट या कोई अन्य खराबी आने पर उसे बनाने के लिए शटडाउन लिया जाता है। इसके अलावा जहां बिजली सुधार के कार्य कराए जाते हैं तो उपभोक्ताओं को इसकी सूचना दी जाती है। इमरजेंसी रोस्टिंग ट्रांसमिशन से की जाती है। -गौरव तिवारी, अधीक्षण अभियंता।