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महापद्म नंद कुशल प्रशासक थे : सुदामा प्रसाद
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सम्राट महापद्म जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता। श्रोत-आयोजक
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आजमगढ़। जनपद के हीरापट्टी स्थित एक मैरेज हाल में ऑल इंडिया महापद्मनंद कम्युनिटी एजुकेटेड एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में नंद (नाई) समाज ने भारत के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट महापद्म नंद की जयंती शनिवार को मनाई।
कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एकजुट होकर उनके गौरवशाली इतिहास को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुदामा प्रसाद नंद एवं मुख्य वक्ता डॉ. हरिकेश नंदवंशी द्वारा महापद्म नंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। वक्ताओं ने उन्हें “सर्वक्षत्रान्तक” और “एकराट” की उपाधियों से अलंकृत करते हुए उनके पराक्रम और प्रशासनिक क्षमता का उल्लेख किया।
मुख्य अतिथि सुदामा प्रसाद नंद ने कहा कि महापद्म नंद केवल एक महान शासक ही नहीं, बल्कि कुशल प्रशासक भी थे, जिन्होंने मगध साम्राज्य का विस्तार कर अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने बताया कि उनके समय की विशाल सेना के प्रभाव से विश्व विजेता सिकंदर की सेना ने भी आगे बढ़ने का साहस नहीं किया।
डॉ. हरिकेश नंदवंशी ने कहा कि नाई समाज का इतिहास शौर्य और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण रहा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। वहीं संजय विद्यार्थी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्यागने और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। नवल किशोर शर्मा ने कहा कि सम्राट महापद्म नंद की विरासत आज भी समाज को एकता और शक्ति का संदेश देती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. दिनेश शर्मा ने की, जबकि संचालन डॉ. एलबी शर्मा ने किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संतोष शर्मा, पप्पू शर्मा, सोनू शर्मा, विनय शर्मा, जगदीश शर्मा, प्रमोद शर्मा, नीतू शर्मा, उमा शर्मा, सुमन शर्मा, अभिलाषा, किरण, अनीता आदि उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एकजुट होकर उनके गौरवशाली इतिहास को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुदामा प्रसाद नंद एवं मुख्य वक्ता डॉ. हरिकेश नंदवंशी द्वारा महापद्म नंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। वक्ताओं ने उन्हें “सर्वक्षत्रान्तक” और “एकराट” की उपाधियों से अलंकृत करते हुए उनके पराक्रम और प्रशासनिक क्षमता का उल्लेख किया।
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मुख्य अतिथि सुदामा प्रसाद नंद ने कहा कि महापद्म नंद केवल एक महान शासक ही नहीं, बल्कि कुशल प्रशासक भी थे, जिन्होंने मगध साम्राज्य का विस्तार कर अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने बताया कि उनके समय की विशाल सेना के प्रभाव से विश्व विजेता सिकंदर की सेना ने भी आगे बढ़ने का साहस नहीं किया।
डॉ. हरिकेश नंदवंशी ने कहा कि नाई समाज का इतिहास शौर्य और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण रहा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। वहीं संजय विद्यार्थी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्यागने और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। नवल किशोर शर्मा ने कहा कि सम्राट महापद्म नंद की विरासत आज भी समाज को एकता और शक्ति का संदेश देती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. दिनेश शर्मा ने की, जबकि संचालन डॉ. एलबी शर्मा ने किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संतोष शर्मा, पप्पू शर्मा, सोनू शर्मा, विनय शर्मा, जगदीश शर्मा, प्रमोद शर्मा, नीतू शर्मा, उमा शर्मा, सुमन शर्मा, अभिलाषा, किरण, अनीता आदि उपस्थित रहे।