Varanasi News: मां सरस्वती को लगाए 56 भोग, डमरूओं की निनाद से महाआरती; चढ़ाई गई पीतांबरी साड़ी
Varanasi News: काशी नगरी में मां सरस्वती की आराधना हुई। काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गली-मोहल्लों में प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। यहां पूजन-अर्चन के साथ भंडारे का आयोजन हुआ।
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वसंत पंचमी से शुरू विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के दूसरे दिन शनिवार को भी पूजा पंडालों में विविध अनुष्ठान आयोजित हुए। मां को 56 भोग लगाकर महाआरती की गई। देवी जागरण से देर रात तक मां की आराधना की गई। वहीं, कुछ क्लबों और घरों में स्थापित मां की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन कर विसर्जन किया गया।
श्री काशी विश्वनाथ गली स्थित काशीपुराधिश्वरी माता अन्नपूर्णेश्वरी के मंदिर में सरस्वती पूजनोत्सव पर वाग्देवी संग मां अन्नपूर्णा का विशेष अलंकरण और शृंगार किया गया। मां को पीतांबरी साड़ी चढ़ाई गई। महंत शंकरपुरी महाराज ने पांच वैदिक ब्राह्मणों के साथ भव्य पूजन किया। माता सरस्वती की पंचधातु की प्रतिमा का पूजन पं. विकास झा ने किया।
मां की आराधना
गीतकार कन्हैया दुबे (केडी) के संयोजन में पं. रमेश पांडेय, आद्या प्रसाद आदि ने सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ किया। डॉ. अमलेश शुक्ला अमन ने हे शारदे मां, काशी की अन्नपूर्णा मैया, यथार्थ दुबे ने महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र, ऐ गिरी नंदिनी, तेरे दर पर आया बच्चा आदि भजनों से मां की महिमा का गान किया। बैंजो पर संजय, ढोलक पर विशाल पैड और विवेक ने कुशल संगत प्रस्तुत की। भक्तों में प्रसाद वितरण हुआ।
पूजन में पं. अंबिका शुक्ला पप्पू गुरु, पं. शुभम शर्मा, धीरेंद्र सिंह, प्रदीप श्रीवास्तव, प्रभाष चंद्र झा आदि शामिल रहे। वंदनीय यंग ब्वायज क्लब चंदुवा हबीबपुरा में मां सरस्वती को 56 भोग लगाकर शंख और डमरुओं के निनाद से आरती की गई। पूजन में क्लब के अध्यक्ष आशीष केसरी, कुंवर यादव, रितेश केसरी, अशोक वर्मा, शेखर जोशी, सरवन मौर्य आदि मौजूद रहे।
चेतगंज में आर्यावर्त स्पोर्टिंग क्लब के पूजा पंडाल में रखी गई विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन किया गया। 51 पूर्वा खीर का भोग लगाकर भक्तों में वितरण किया गया। वहीं, कोनिया स्थित धोबी घाट पर पहली बार सरस्वती पूजा का आयोजन हुआ। भाजयुमो के मंडल उपाध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल वाग्देवी की प्रतिमा बिठाई, जिसमें युवाओं और महिलाओं की उपस्थिति रही।
