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Baghpat News: सरकारी शादी में दुल्हन बनने से पहले ही पकड़ी गईं शादीशुदा 226 युवतियां
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बागपत। सरकारी शादी में दुल्हन बनने से पहले ही शादीशुदा 226 युवतियां पकड़ी गईं। इन सभी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 60 हजार रुपये और सामान झटकने के लिए खुद को अविवाहित बताकर आवेदन कर दिया था। जांच कराने पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए तो 435 आवेदन आए। इनकी सूची ब्लॉक पर भेजकर सचिवों से जांच कराई गई तो पता चला कि आवेदन करने वाली 226 युवतियों की पहले ही शादी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक बागपत शहर में 50 से ज्यादा युवतियां हैं तो बिनौली में ऐसी 26 युवतियां मिलीं।
इन सभी को अपात्र घोषित कर दिया। इसके बाद भी कई युवतियां बृहस्पतिवार को चमरावल मार्ग पर हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मंडप तक पहुंच गईं। इनको सचिव ने पहचान लिया और फटकार लगाई। कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई, मगर माफी मांगने पर वापस भेजा गया।
-एक शादी पर खर्च होते हैं एक लाख रुपये
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक युवती की शादी पर एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। शादी होने पर 60 हजार रुपये युवती के खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये से चांदी के जेवर, बर्तन, कपड़े समेत अन्य सामान दिया जाता है। पंद्रह हजार रुपये खाने व टेंट पर खर्च किए जाते हैं।
-सामूहिक विवाह के बाद कर सकते हैं कार्यक्रम
किसी की सामूहिक विवाह से पहले शादी हो जाती है तो नियम के अनुसार उसको अपात्र माना जाएगा। कुछ परिवार ऐसा जरूर करते हैं कि वह सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहले शादी करा लेते हैं और फिर अगली तारीख तय करके अपने घर पर रिश्तेदारों व अन्य लोगों को बुलाकर कार्यक्रम करते हैं। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती।
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केस एक: बरनावा गांव की कौशर की शादी एक साल पहले हो चुकी है। उसने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत खुद को अविवाहित बताते हुए आवेदन कर दिया। जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर अपात्र माना गया। इसके बाद भी वह शादी करने मंडप तक पहुंच गई तो ग्राम सचिव ने पहचान लिया। उनको कार्रवाई की चेतावनी देकर वापस भेजा गया।
केस दो: बरनावा की अमरीन की शादी तीन महीने पहले होने के बाद भी उसने आवेदन कर दिया। उसने खुद को आवेदन में अविवाहित बताया। उसकी जांच कराई गई तो वह शादीशुदा निकली। इस तरह सरकारी शादी में दुल्हन बनने से पहले ही फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जितने आवेदन आए थे, उनकी सचिवों के माध्यम से जांच कराई गई। ऐसी काफी युवती मिली थीं, जो पहले से शादीशुदा होने के बावजूद आवेदन कर दिया। इनका फर्जीवाड़ा पकड़ लिया गया और अपात्र घोषित किया गया। राहुल वर्मा, जिला विकास अधिकारी
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए तो 435 आवेदन आए। इनकी सूची ब्लॉक पर भेजकर सचिवों से जांच कराई गई तो पता चला कि आवेदन करने वाली 226 युवतियों की पहले ही शादी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक बागपत शहर में 50 से ज्यादा युवतियां हैं तो बिनौली में ऐसी 26 युवतियां मिलीं।
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इन सभी को अपात्र घोषित कर दिया। इसके बाद भी कई युवतियां बृहस्पतिवार को चमरावल मार्ग पर हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मंडप तक पहुंच गईं। इनको सचिव ने पहचान लिया और फटकार लगाई। कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई, मगर माफी मांगने पर वापस भेजा गया।
-एक शादी पर खर्च होते हैं एक लाख रुपये
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक युवती की शादी पर एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। शादी होने पर 60 हजार रुपये युवती के खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये से चांदी के जेवर, बर्तन, कपड़े समेत अन्य सामान दिया जाता है। पंद्रह हजार रुपये खाने व टेंट पर खर्च किए जाते हैं।
-सामूहिक विवाह के बाद कर सकते हैं कार्यक्रम
किसी की सामूहिक विवाह से पहले शादी हो जाती है तो नियम के अनुसार उसको अपात्र माना जाएगा। कुछ परिवार ऐसा जरूर करते हैं कि वह सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहले शादी करा लेते हैं और फिर अगली तारीख तय करके अपने घर पर रिश्तेदारों व अन्य लोगों को बुलाकर कार्यक्रम करते हैं। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती।
केस एक: बरनावा गांव की कौशर की शादी एक साल पहले हो चुकी है। उसने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत खुद को अविवाहित बताते हुए आवेदन कर दिया। जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर अपात्र माना गया। इसके बाद भी वह शादी करने मंडप तक पहुंच गई तो ग्राम सचिव ने पहचान लिया। उनको कार्रवाई की चेतावनी देकर वापस भेजा गया।
केस दो: बरनावा की अमरीन की शादी तीन महीने पहले होने के बाद भी उसने आवेदन कर दिया। उसने खुद को आवेदन में अविवाहित बताया। उसकी जांच कराई गई तो वह शादीशुदा निकली। इस तरह सरकारी शादी में दुल्हन बनने से पहले ही फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जितने आवेदन आए थे, उनकी सचिवों के माध्यम से जांच कराई गई। ऐसी काफी युवती मिली थीं, जो पहले से शादीशुदा होने के बावजूद आवेदन कर दिया। इनका फर्जीवाड़ा पकड़ लिया गया और अपात्र घोषित किया गया। राहुल वर्मा, जिला विकास अधिकारी