अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान आंधी में पेड़ गिरने से शहीद हुए अग्निवीर सोहित चौहान को सोमवार को उनके पैतृक गांव बागपत के लूम्ब में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद अवसर पर पूरा गांव और आसपास के इलाकों से हजारों लोग नम आंखों से वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े।
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शहीद की अंतिम यात्रा।
- फोटो : अमर उजाला
सोहित चौहान की अंतिम यात्रा रमाला गेट से गांव तक निकाली गई, जो करीब 7 किलोमीटर लंबी थी। इस यात्रा में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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शहीद को सलामी देते जवान।
- फोटो : अमर उजाला
रास्ते भर ग्रामीणों ने फूल बरसाकर और "भारत माता की जय" व "सोहित चौहान अमर रहें" के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर अपने वीर सपूत को नमन किया। करीब एक घंटे का समय यात्रा को गांव तक पहुंचने में लगा।
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शहीद की अंतिम यात्रा।
- फोटो : अमर उजाला
घर वापसी पर मार्मिक दृश्य
गांव पहुंचने पर अग्निवीर सोहित चौहान के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। पूरा गांव अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने के लिए एकत्रित था।
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अंतिम यात्रा में उमड़े लोग।
- फोटो : अमर उजाला
हर आंख नम थी, लेकिन देश के लिए उनका बलिदान हर किसी के दिल में गर्व का भाव भर रहा था। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा, मां और बहन अपने लाडले को देख फूट-फूट कर रो पड़ीं। यह दृश्य अत्यंत मार्मिक था, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखों को नम कर दिया।
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