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Baghpat News: देश में मिसाल बना बागपत, शुरू हुआ वादमुक्त ग्रामीण भारत की ओर पायलट प्रोजेक्ट
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बागपत। देश में बागपत जिला मिसाल बन गया है, क्याेंकि सबसे पहले यहां के तीन गांव वादमुक्त घोषित किए गए। सोमवार को कचहरी में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रमनाथ ने वादमुक्त ग्रामीण भारत की ओर पायल प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। इसमें छह गांवों का चयन किया गया, जिनमें तीन वादमुक्त हो चुके है। न्यायमूर्ति विक्रमनाथ ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी हार की जीत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी जीत वहीं होती है, जिसमें किसी की हार न हो।
सामुदायिक मध्यस्थत और वादमुक्त ग्रामीण भारत की ओर पायलट प्रोजेक्ट के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के कहा कि पारिवारिक विवाद, पड़ोसी झगड़े और भूमि संबंधी जैसे मामलों के समाधान की लंबी न्यायिक प्रक्रिया है। ऐसे मामलों का न्यायिक प्रक्रिया के बजाय सामुदायिक संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से समाधान कराया जा सकता है। सामाजिक समाधान प्रणाली को आधुनिक कानूनी सुरक्षा, गोपनीयता और निष्पक्षता के साथ लागू किया जा सकता है। इसमें गणमान्य लोगों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो औपचारिक न्याय व्यवस्था और समाज के बीच सेतु की भूमिका निभाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस अवसर न्यायमूर्ति ने संविदा पार्क का भी शुभारंभ किया। इस मौके पर प्राधिकरण की प्रदेश सचिव मनु कालिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अंकिता सिंह, न्यायाधीश पूनम राजपूत, न्यायाधीश रत्नम श्रीवास्तव, जिला बार के अध्यक्ष सुभाष तोमर, महामंत्री अजीत सिंह, पूर्व अध्यक्ष रामकुमार समेत अधिवक्ता मौजूद रहे।
इन गांवों का किया गया चयन
अपराधमुक्त गांव के पायलट प्रोजेक्ट में नंगला कनवाड़ा, नवादा, हरसिया, रतनपुरी, कासापुट्ठी, मवीखुर्द और फैजुल्लापुर को शामिल किया गया है। इनमें मवीखुर्द, नवादा और कासापुट्ठी अपराधमुक्त घोषित हो चुके है। इन छह गांवों में करीब 50 विवाद लंबित चल रहे थे, जिनका समाधान हो चुका है।
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सामुदायिक मध्यस्थत और वादमुक्त ग्रामीण भारत की ओर पायलट प्रोजेक्ट के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के कहा कि पारिवारिक विवाद, पड़ोसी झगड़े और भूमि संबंधी जैसे मामलों के समाधान की लंबी न्यायिक प्रक्रिया है। ऐसे मामलों का न्यायिक प्रक्रिया के बजाय सामुदायिक संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से समाधान कराया जा सकता है। सामाजिक समाधान प्रणाली को आधुनिक कानूनी सुरक्षा, गोपनीयता और निष्पक्षता के साथ लागू किया जा सकता है। इसमें गणमान्य लोगों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो औपचारिक न्याय व्यवस्था और समाज के बीच सेतु की भूमिका निभाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस अवसर न्यायमूर्ति ने संविदा पार्क का भी शुभारंभ किया। इस मौके पर प्राधिकरण की प्रदेश सचिव मनु कालिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अंकिता सिंह, न्यायाधीश पूनम राजपूत, न्यायाधीश रत्नम श्रीवास्तव, जिला बार के अध्यक्ष सुभाष तोमर, महामंत्री अजीत सिंह, पूर्व अध्यक्ष रामकुमार समेत अधिवक्ता मौजूद रहे।
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इन गांवों का किया गया चयन
अपराधमुक्त गांव के पायलट प्रोजेक्ट में नंगला कनवाड़ा, नवादा, हरसिया, रतनपुरी, कासापुट्ठी, मवीखुर्द और फैजुल्लापुर को शामिल किया गया है। इनमें मवीखुर्द, नवादा और कासापुट्ठी अपराधमुक्त घोषित हो चुके है। इन छह गांवों में करीब 50 विवाद लंबित चल रहे थे, जिनका समाधान हो चुका है।