{"_id":"69dbfdae34c6af827505ef02","slug":"development-news-baghpat-news-c-28-1-smrt1010-149960-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: 40 करोड़ रुपये खर्च करके विवादों में फंस गई पहली आवासीय कॉलोनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: 40 करोड़ रुपये खर्च करके विवादों में फंस गई पहली आवासीय कॉलोनी
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने 17 साल बाद आवासीय कॉलोनी विकसित करने के लिए कदम बढ़ाए, मगर 40 करोड़ रुपये खर्च करके भी यह विवादों में फंस गई। किसानों की पहले पूरी जमीन लेने की सहमति कराई गई और अब आधी जमीन लेने लगे तो किसानों ने जमीन देने से साफ इन्कार कर दिया। इस विवाद में जमीनों के बैनामे तीन महीने से नहीं हो रहे।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन हुए वर्ष 2008 में हुआ था, लेकिन यहां प्राधिकरण की तरफ से एक भी योजना तैयार नहीं की गई। विकास प्राधिकरण केवल नक्शे पास करने तक ही सीमित है। इसको देखते हुए ही विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2025 में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना तैयार की। इसके लिए मेरठ में कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव रखा गया तो वहां से मंजूरी मिल गई।
अधिकारियों को काफी प्रयास के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास अग्रवाल मंडी टटीरी के किसानों की जमीन मिली। यह 8.47 हेक्टेयर जमीन है, जिस पर कॉलोनी विकसित करने के लिए शासन ने प्रस्ताव मंजूर करके 40 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया। विकास प्राधिकरण ने 53 किसानों में करीब 30 को 40 करोड़ रुपये देकर बैनामे करा लिए, मगर अब तीन महीने से एक भी बैनामा नहीं हो रहा।
किसान राजेंद्र व हिम्मत आदि ने बैनामे करने से इन्कार कर दिया क्योंकि उनकी आधी जमीन का विकास प्राधिकरण के अधिकारी बैनामा कराना चाहते थे। पहले उनसे पूरी जमीन देने का सहमति पत्र लिया गया और उसके बाद महायोजना-2031 लागू होने से आधी जमीन ग्रीन बेल्ट में बताकर उसे लेने से इन्कार कर दिया, इसलिए 10 किसानों ने आधी जमीन भी देने से इन्कार कर दिया।
एक्सप्रेसवे के पास कॉलोनी विकसित होने से होगा सभी को फायदा
जिस जमीन पर कॉलोनी विकसित करने की तैयारी हो रही है, वह एक्सप्रेसवे के नजदीक है। ऐसे में एक्सप्रेसवे शुरू होने वाला है और वहां कॉलोनी विकसित होने से विकास प्राधिकरण के साथ ही आम लोगों तक को फायदा होगा। वहां दिल्लन्व गाजियाबाद के लोग भी आकर रह सकते हैं क्योंकि दिल्ली का रास्ता केवल आधा घंटे का हो जाएगा। वहीं विकास प्राधिकरण को अच्छे दाम वहां प्लॉटों के मिल सकते हैं, मगर अब विवाद बढ़ने पर कॉलोनी का मामला लंबा खिंचता दिख रहा है।
--
आवासीय कॉलोनी की जमीन को लेकर अभी बातचीत चल रही है। किस तरह से जमीन को लिया जा सकता है, इस बारे में देखा जा रहा है। इसका जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।
-नीतेश सिंह बोनल, सहायक अभियंता विकास प्राधिकरण
Trending Videos
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन हुए वर्ष 2008 में हुआ था, लेकिन यहां प्राधिकरण की तरफ से एक भी योजना तैयार नहीं की गई। विकास प्राधिकरण केवल नक्शे पास करने तक ही सीमित है। इसको देखते हुए ही विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2025 में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना तैयार की। इसके लिए मेरठ में कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव रखा गया तो वहां से मंजूरी मिल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों को काफी प्रयास के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास अग्रवाल मंडी टटीरी के किसानों की जमीन मिली। यह 8.47 हेक्टेयर जमीन है, जिस पर कॉलोनी विकसित करने के लिए शासन ने प्रस्ताव मंजूर करके 40 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया। विकास प्राधिकरण ने 53 किसानों में करीब 30 को 40 करोड़ रुपये देकर बैनामे करा लिए, मगर अब तीन महीने से एक भी बैनामा नहीं हो रहा।
किसान राजेंद्र व हिम्मत आदि ने बैनामे करने से इन्कार कर दिया क्योंकि उनकी आधी जमीन का विकास प्राधिकरण के अधिकारी बैनामा कराना चाहते थे। पहले उनसे पूरी जमीन देने का सहमति पत्र लिया गया और उसके बाद महायोजना-2031 लागू होने से आधी जमीन ग्रीन बेल्ट में बताकर उसे लेने से इन्कार कर दिया, इसलिए 10 किसानों ने आधी जमीन भी देने से इन्कार कर दिया।
एक्सप्रेसवे के पास कॉलोनी विकसित होने से होगा सभी को फायदा
जिस जमीन पर कॉलोनी विकसित करने की तैयारी हो रही है, वह एक्सप्रेसवे के नजदीक है। ऐसे में एक्सप्रेसवे शुरू होने वाला है और वहां कॉलोनी विकसित होने से विकास प्राधिकरण के साथ ही आम लोगों तक को फायदा होगा। वहां दिल्लन्व गाजियाबाद के लोग भी आकर रह सकते हैं क्योंकि दिल्ली का रास्ता केवल आधा घंटे का हो जाएगा। वहीं विकास प्राधिकरण को अच्छे दाम वहां प्लॉटों के मिल सकते हैं, मगर अब विवाद बढ़ने पर कॉलोनी का मामला लंबा खिंचता दिख रहा है।
आवासीय कॉलोनी की जमीन को लेकर अभी बातचीत चल रही है। किस तरह से जमीन को लिया जा सकता है, इस बारे में देखा जा रहा है। इसका जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।
-नीतेश सिंह बोनल, सहायक अभियंता विकास प्राधिकरण
