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Baghpat News: सरोवरों पर दस करोड़ खर्च करके भी नहीं मिला अमृत
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सरोवरों पर दस करोड़ खर्च करके भी नहीं मिला अमृत की खबर से संबंधित फोटो। बागपत के सरूरपुर गांव
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- किसी अमृत सरोवर के रुपये गांवों के अंदर तालाब पर खर्च कर दिए तो अन्य में कूड़े की भरमार हो गई, गांवों की स्थिति काफी खराब
- जिले में 50 से ज्यादा तालाबों को अमृत सरोवर बनाने के लिए खर्च किए थे दस करोड़ से ज्यादा, ग्राम पंचायतों ने बाद में नहीं दिया ध्यान
बागपत। सरोवरों पर दस करोड़ रुपये रुपये से ज्यादा खर्च करने के बाद भी अमृत नहीं मिल सका। कई गांवों में तो अमृत सरोवर के रुपये गांवों के अंदर दूसरे तालाब पर खर्च कर दिए तो अधिकतर जगह अमृत सरोवरों में कूड़ा भरा पड़ा है। पंचायतों ने रख-रखाव की तरफ ध्यान नहीं दिया और स्थिति खराब होती चली गई।
जल संरक्षण व लोगों के तालाब के पास बैठने के लिए जिले में 50 से अधिक तालाबों को अमृत सरोवर के लिए चिह्नित किया गया था। इन पर दस करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया, ताकि गांवों की सुंदरता को बढ़ाया जा सके। सरोवरों के पास बैठने के लिए बेंच व पौधरोपण तक किया गया था। एक अमृत सरोवर पर दस से 18 लाख रुपये खर्च हुए थे और किसी तालाब पर तो 31 लाख रुपये तक खर्च हो गए थे।
ग्राम पंचायत व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के ध्यान न देने से सरोवरों की हालत खस्ता हो चुकी है। साफ-सफाई न होने से ज्यादातर सरोवर में बड़ी-बड़ी जंगली घास उग आई है। वहां लगे पौधे सूख गए हैं। बेंच क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नतीजा यह है कि अब लोग अमृत सरोवर की तरफ रुख भी नहीं कर रहे और वहां कूड़े का ढेर लगा हुआ है। अमृत सरोवरों की अव्यवस्था अधिकारियों की लापरवाही की पोल खोलती नजर आ रही है।
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सरूरपुरकलां का अमृत सरोवर बदहाल
सरूरपुरकलां गांव में वर्ष 2023-24 में अटल भूजल योजना के तहत तालाब का जीर्णोद्धार किया गया था। तालाब पर 31 लाख 40 हजार रुपये का बजट खर्च किया गया था। यह अमृत सरोवर 1.56 हेक्टेयर में बनाया गया था। अमृत सरोवर की चहारदीवारी करने के बाद पौधे लगाए गए थे और वहां बैठने के लिए बेंच लगाई थी। अधिकारियों की अनदेखी के कारण अमृत सरोवर में गंदगी का ढेर लगा हुआ है और वहां लोगों ने भी जाना छोड़ दिया।
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टांडा में अमृत सरोवर का बजट दूसरे तालाब पर खर्च किया
टांडा गांव में 29 नवंबर 2023 में अमृत सरोवर बनाने के लिए आठ लाख रुपये का बजट खाते से निकाला गया। अमृत सरोवर खसरा नंबर 292 व 295/2 पर तैयार होना था, लेकिन अमृत सरोवर का आठ लाख रुपये का बजट को दूसरे तालाब पर खर्च कर दिया गया। प्रधान व सचिव की लापरवाही के कारण अमृत सरोवर नहीं बन सका और जल संरक्षण भी नहीं हो सका। वहां गंदगी का ढेर लगा हुआ है। साफ-सफाई तक नहीं कराई जा रही है। इसकी जांच हुई तो मामले का खुलासा हुआ और अब प्रधान व सचिव को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया।
वर्जन
ग्राम पंचायतों में बनाए गए अमृत सरोवर तालाबों का रख-रखाव नहीं करने पर सचिवों से जवाब मांगा जाएगा। सभी तालाबों का निरीक्षण जल्द किया जाएगा। वहीं टांडा गांव में अमृत सरोवर की जगह दूसरे तालाब पर बजट खर्च करने पर नोटिस दिया गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। - रमेश चंद्र गुप्ता, डीपीआरओ
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- जिले में 50 से ज्यादा तालाबों को अमृत सरोवर बनाने के लिए खर्च किए थे दस करोड़ से ज्यादा, ग्राम पंचायतों ने बाद में नहीं दिया ध्यान
बागपत। सरोवरों पर दस करोड़ रुपये रुपये से ज्यादा खर्च करने के बाद भी अमृत नहीं मिल सका। कई गांवों में तो अमृत सरोवर के रुपये गांवों के अंदर दूसरे तालाब पर खर्च कर दिए तो अधिकतर जगह अमृत सरोवरों में कूड़ा भरा पड़ा है। पंचायतों ने रख-रखाव की तरफ ध्यान नहीं दिया और स्थिति खराब होती चली गई।
जल संरक्षण व लोगों के तालाब के पास बैठने के लिए जिले में 50 से अधिक तालाबों को अमृत सरोवर के लिए चिह्नित किया गया था। इन पर दस करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया, ताकि गांवों की सुंदरता को बढ़ाया जा सके। सरोवरों के पास बैठने के लिए बेंच व पौधरोपण तक किया गया था। एक अमृत सरोवर पर दस से 18 लाख रुपये खर्च हुए थे और किसी तालाब पर तो 31 लाख रुपये तक खर्च हो गए थे।
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ग्राम पंचायत व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के ध्यान न देने से सरोवरों की हालत खस्ता हो चुकी है। साफ-सफाई न होने से ज्यादातर सरोवर में बड़ी-बड़ी जंगली घास उग आई है। वहां लगे पौधे सूख गए हैं। बेंच क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नतीजा यह है कि अब लोग अमृत सरोवर की तरफ रुख भी नहीं कर रहे और वहां कूड़े का ढेर लगा हुआ है। अमृत सरोवरों की अव्यवस्था अधिकारियों की लापरवाही की पोल खोलती नजर आ रही है।
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सरूरपुरकलां का अमृत सरोवर बदहाल
सरूरपुरकलां गांव में वर्ष 2023-24 में अटल भूजल योजना के तहत तालाब का जीर्णोद्धार किया गया था। तालाब पर 31 लाख 40 हजार रुपये का बजट खर्च किया गया था। यह अमृत सरोवर 1.56 हेक्टेयर में बनाया गया था। अमृत सरोवर की चहारदीवारी करने के बाद पौधे लगाए गए थे और वहां बैठने के लिए बेंच लगाई थी। अधिकारियों की अनदेखी के कारण अमृत सरोवर में गंदगी का ढेर लगा हुआ है और वहां लोगों ने भी जाना छोड़ दिया।
टांडा में अमृत सरोवर का बजट दूसरे तालाब पर खर्च किया
टांडा गांव में 29 नवंबर 2023 में अमृत सरोवर बनाने के लिए आठ लाख रुपये का बजट खाते से निकाला गया। अमृत सरोवर खसरा नंबर 292 व 295/2 पर तैयार होना था, लेकिन अमृत सरोवर का आठ लाख रुपये का बजट को दूसरे तालाब पर खर्च कर दिया गया। प्रधान व सचिव की लापरवाही के कारण अमृत सरोवर नहीं बन सका और जल संरक्षण भी नहीं हो सका। वहां गंदगी का ढेर लगा हुआ है। साफ-सफाई तक नहीं कराई जा रही है। इसकी जांच हुई तो मामले का खुलासा हुआ और अब प्रधान व सचिव को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया।
वर्जन
ग्राम पंचायतों में बनाए गए अमृत सरोवर तालाबों का रख-रखाव नहीं करने पर सचिवों से जवाब मांगा जाएगा। सभी तालाबों का निरीक्षण जल्द किया जाएगा। वहीं टांडा गांव में अमृत सरोवर की जगह दूसरे तालाब पर बजट खर्च करने पर नोटिस दिया गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। - रमेश चंद्र गुप्ता, डीपीआरओ