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Baghpat News: 45 दिन की गैस सिलिंडर बुकिंग से बढ़ी परेशानी
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जलालाबाद। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद जलालाबाद के उपभोक्ताओं को अभी भी ‘ग्रामीण’ नियमों की मार झेलनी पड़ रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय के नियमों के तहत क्षेत्र को ग्रामीण श्रेणी में रखे जाने से गैस सिलिंडर की बुकिंग के बीच 45 दिन का लंबा अंतराल लागू है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्रों में अधिकतर बड़े परिवार रहते हैं, जहां एक गैस सिलिंडर मुश्किल से 25 से 30 दिन ही चल पाता है। ऐसे में 45 दिन से पहले बुकिंग न हो पाने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुकिंग समय-सीमा अधिक होने के कारण कई गृहिणियां अब मजबूरन लकड़ी और उपलों के पारंपरिक चूल्हों का सहारा लेने लगी हैं। इससे धुएं के कारण आंखों और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। अप्रैल और मई में शादियों का सीजन होने से गैस सिलिंडर की मांग और बढ़ गई है, लेकिन 45 दिन का ‘लॉक-इन पीरियड’ आयोजनों में बाधा बन रहा है।
क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि नगर पंचायत क्षेत्रों को ‘अर्बन’ श्रेणी में शामिल कर गैस सिलिंडर बुकिंग अंतराल को 25 दिन किया जाए। साथ ही बुकिंग के बाद डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोडमिलने में हो रही देरी को दूर किया जाए और गैस एजेंसियों पर काला बाजारी व सर्वर की समस्याओं पर रोक लगाई जाए।
कस्बा निवासी रविंद्र सैनी का कहना है कि 45 दिन की गैस सिलिंडर बुकिंग सीमा के कारण उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत हो रही है। पहले बुकिंग में देरी और फिर कोड मिलने में समय लगने से समस्या और बढ़ जाती है।
वहीं बिरज सैनी ने बताया कि घरेलू गैस सिलिंडर 25-30 दिन में खत्म हो जाता है, लेकिन अगली बुकिंग 45 दिन बाद ही संभव है। इसके बाद भी कोड के इंतजार में लोगों को और परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही नियमों में बदलाव नहीं किया गया तो उन्हें और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्रों में अधिकतर बड़े परिवार रहते हैं, जहां एक गैस सिलिंडर मुश्किल से 25 से 30 दिन ही चल पाता है। ऐसे में 45 दिन से पहले बुकिंग न हो पाने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बुकिंग समय-सीमा अधिक होने के कारण कई गृहिणियां अब मजबूरन लकड़ी और उपलों के पारंपरिक चूल्हों का सहारा लेने लगी हैं। इससे धुएं के कारण आंखों और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। अप्रैल और मई में शादियों का सीजन होने से गैस सिलिंडर की मांग और बढ़ गई है, लेकिन 45 दिन का ‘लॉक-इन पीरियड’ आयोजनों में बाधा बन रहा है।
क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि नगर पंचायत क्षेत्रों को ‘अर्बन’ श्रेणी में शामिल कर गैस सिलिंडर बुकिंग अंतराल को 25 दिन किया जाए। साथ ही बुकिंग के बाद डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोडमिलने में हो रही देरी को दूर किया जाए और गैस एजेंसियों पर काला बाजारी व सर्वर की समस्याओं पर रोक लगाई जाए।
कस्बा निवासी रविंद्र सैनी का कहना है कि 45 दिन की गैस सिलिंडर बुकिंग सीमा के कारण उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत हो रही है। पहले बुकिंग में देरी और फिर कोड मिलने में समय लगने से समस्या और बढ़ जाती है।
वहीं बिरज सैनी ने बताया कि घरेलू गैस सिलिंडर 25-30 दिन में खत्म हो जाता है, लेकिन अगली बुकिंग 45 दिन बाद ही संभव है। इसके बाद भी कोड के इंतजार में लोगों को और परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही नियमों में बदलाव नहीं किया गया तो उन्हें और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

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