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परमात्मा के विधान के अनुसार मिलता है मनुष्य को फल : अनुभूति माता
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-बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में हुआ भक्तांबर महामंडल विधान
फोटो नंबर 11केएआर 2
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में शनिवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की।
विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और कष्ट निवारक क्रियाओं से हुई। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा अच्छे कर्म करते रहना चाहिए। कर्म ही मनुष्य का धर्म है। मनुष्य को लाभ-हानि का आकलन किए बिना कर्म करते रहना चाहिए। अच्छे कर्म करने पर ही मनुष्य का कल्याण संभव है। इस अवसर पर विकास जैन, राहुल जैन, दीपक जैन, राहुल जैन, वैभव जैन और राकेश जैन उपस्थित रहे।
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फोटो नंबर 11केएआर 2
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में शनिवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की।
विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और कष्ट निवारक क्रियाओं से हुई। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा अच्छे कर्म करते रहना चाहिए। कर्म ही मनुष्य का धर्म है। मनुष्य को लाभ-हानि का आकलन किए बिना कर्म करते रहना चाहिए। अच्छे कर्म करने पर ही मनुष्य का कल्याण संभव है। इस अवसर पर विकास जैन, राहुल जैन, दीपक जैन, राहुल जैन, वैभव जैन और राकेश जैन उपस्थित रहे।
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