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सिद्धचक्र महामंडल विधान से अच्छा कार्य करने की मिलती है प्रेरणा : पं. प्रदीप
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बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में हुआ आठ दिवसीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान
फोटो-पांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आठ दिवसीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीजी के चरणों में 24 अर्घ्य समर्पित किए।
मंदिर में पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने विधि-विधान से पूजन कराया। उन्होंने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान सभी विधानों का राजा कहलाता है। इसी विधान से अन्य सभी विधानों का प्रादुर्भाव हुआ है।
पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने बताया कि जो श्रद्धालु भगवान के समक्ष पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान से सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह विधान व्यक्ति को अच्छा कार्य करने की प्रेरणा देता है। संसार में कोई भी श्रेष्ठ उपलब्धि बिना अच्छा कार्य किए प्राप्त नहीं हो सकती। इस अवसर पर सविता दीदी, शांतिकुमार शास्त्री, ऋषभ कुमार जैन, मनोज जैन, संगीता जैन, सरोज जैन और प्रकर्ष जैन सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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फोटो-पांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आठ दिवसीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीजी के चरणों में 24 अर्घ्य समर्पित किए।
मंदिर में पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने विधि-विधान से पूजन कराया। उन्होंने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान सभी विधानों का राजा कहलाता है। इसी विधान से अन्य सभी विधानों का प्रादुर्भाव हुआ है।
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पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने बताया कि जो श्रद्धालु भगवान के समक्ष पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान से सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह विधान व्यक्ति को अच्छा कार्य करने की प्रेरणा देता है। संसार में कोई भी श्रेष्ठ उपलब्धि बिना अच्छा कार्य किए प्राप्त नहीं हो सकती। इस अवसर पर सविता दीदी, शांतिकुमार शास्त्री, ऋषभ कुमार जैन, मनोज जैन, संगीता जैन, सरोज जैन और प्रकर्ष जैन सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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